ग्वालियर की पहचान पर ‘नामकरण राजनीति’ का साया- बृजराज सिंह
ग्वालियर—यह केवल एक शहर का नाम नहीं है। यह एक जीवंत इतिहास, एक आस्था की परंपरा और एक सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसकी जड़ें आठवीं शताब्दी की उस कथा में मिलती हैं, जहां एक संत और एक राजा के मिलन से इस नगर की पहचान बनी। समय के साथ ग्वालियर ने न केवल अपनी…
