महिलाओं के डिब्बे में घुसने पर ₹2,500 दंड
भोपाल/झांसी, 22 जून 2026। भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और अनुशासन को मजबूत करने के लिए जन विश्वास (संशोधन उपबंध) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं में संशोधन लागू कर दिए हैं। नए प्रावधान 20 जून, 2026 से प्रभावी हो गए हैं। संशोधन के बाद कई उल्लंघनों पर जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है, जबकि कुछ मामलों में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।
रेलवे अधिनियम की धारा 137 और 138 के तहत बिना टिकट अथवा अनियमित यात्रा करने वालों के लिए न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है। भुगतान से इंकार करने पर न्यायालयीन कार्रवाई की जा सकेगी।
धारा 142 के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य यात्री के नाम पर जारी टिकट पर यात्रा करता पाया जाता है, तो उसका टिकट जब्त किया जाएगा और टिकट किराए के बराबर अतिरिक्त शुल्क, न्यूनतम ₹500, वसूला जाएगा।
रेलवे परिसर या ट्रेन में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने अथवा भिक्षावृत्ति करने पर अब ₹2,000 का दंड लगाया जाएगा। भुगतान नहीं करने पर अदालत ₹5,000 तक जुर्माना या कारावास की सजा दे सकती है।
धारा 145 के अंतर्गत नशे की हालत में यात्रियों को परेशान करने, अश्लील भाषा का प्रयोग करने या अव्यवस्था फैलाने पर ₹1,000 तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। बार-बार उल्लंघन करने पर ₹5,000 तक जुर्माना या छह माह तक कारावास का प्रावधान किया गया है।
रेलवे कर्मचारी के कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ धारा 146 के तहत ₹2,500 तक जुर्माना अथवा तीन माह तक कारावास का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं के आरक्षित डिब्बे में घुसने पर ₹2,500 दंड
धारा 162 के तहत महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे, बर्थ या प्रतीक्षालय में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर ₹2,500 का जुर्माना लगाया जाएगा। भुगतान नहीं करने पर अदालत ₹5,000 तक का जुर्माना लगा सकती है।
रेलवे परिसर में धूम्रपान करने पर अब ₹2,000 का दंड लगाया जाएगा। वहीं गंदगी फैलाने या रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर ₹1,000 से ₹2,000 तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
रेलवे में प्रतिबंधित या खतरनाक वस्तुएं लाने वालों के लिए न्यूनतम ₹10,000 के दंड और क्षति की भरपाई का प्रावधान किया गया है।
यात्रियों से नियमों के पालन की अपील
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, झांसी अमन वर्मा ने बताया कि संशोधित प्रावधानों का उद्देश्य यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर नियंत्रण स्थापित करना तथा रेलवे परिसरों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने यात्रियों से सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासित यात्रा वातावरण बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
प्रमुख दंड एक नजर में
| उल्लंघन | नया दंड |
|---|---|
| बिना टिकट/अनियमित यात्रा | न्यूनतम ₹500 |
| दूसरे के टिकट पर यात्रा | न्यूनतम ₹500 |
| अवैध फेरी, विक्रय, भिक्षावृत्ति | ₹2,000 |
| नशे में उपद्रव | ₹1,000 से ₹5,000 |
| रेलवे कर्मचारी के काम में बाधा | ₹2,500 |
| महिलाओं के डिब्बे में अनधिकृत प्रवेश | ₹2,500 |
| धूम्रपान | ₹2,000 |
| गंदगी फैलाना/संपत्ति नुकसान | ₹1,000–₹2,000 |
| खतरनाक वस्तुएं लाना | न्यूनतम ₹10,000 |
नए नियमों के साथ भारतीय रेल ने साफ संकेत दिया है कि अब यात्रा के दौरान अनुशासनहीनता और नियमों की अनदेखी महंगी साबित होगी।
