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स्वाधीनता दिवस पर भवन विकास निगम का संदेश : विकास के साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी भी जरूरी

भोपाल। 80वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सीबी चक्रवर्ती, मुख्य महाप्रबंधक राजकुमार त्रिपाठी एवं ईएनसी अजय श्रीवास्तव ने निगम के डीजीएम, एजीएम सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और प्रदेश के आम नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को देश के लिए त्याग और बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करने के साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायित्वों को नए संकल्प के साथ निभाने का अवसर बताया।

अधिकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी का प्रतीक नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक और संस्था को अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार होने की प्रेरणा भी देती है। आज देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस विकास यात्रा में मजबूत, सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण तथा आधुनिक अधोसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका है। भवन विकास निगम से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी का दायित्व है कि वह अपने कार्य को केवल शासकीय जिम्मेदारी न मानकर जनहित और राष्ट्र निर्माण से जोड़कर देखे।

विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोपरि

सीबी चक्रवर्ती, राजकुमार त्रिपाठी एवं अजय श्रीवास्तव ने निगम के डीजीएम, एजीएम तथा अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि निर्माण एवं विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भवन केवल ईंट-पत्थर और सीमेंट से तैयार संरचनाएं नहीं होते, बल्कि उनमें प्रदेश के संसाधनों और जनता के विश्वास का निवेश होता है। इसलिए प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों का आह्वान किया कि बदलती तकनीक और आधुनिक निर्माण पद्धतियों को अपनाते हुए भवन निर्माण को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और जनोपयोगी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं। कार्यस्थल पर अनुशासन, समन्वय और टीम भावना को मजबूत करते हुए विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

जनहित से जुड़ा विकास ही स्वतंत्रता दिवस के संकल्प को बनाएगा सार्थक

निगम के अधिकारियों ने आम नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश का विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। नागरिकों से भी अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति सजग रहने, सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा करने और विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की गई।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली आजादी को मजबूत बनाने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक संस्था ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे। गुणवत्तापूर्ण निर्माण, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनहित के प्रति संवेदनशीलता के साथ मध्यप्रदेश के विकास में योगदान देना ही इस 80वें स्वाधीनता दिवस का वास्तविक संकल्प होना चाहिए।