ग्वालियर 11.02.2026। शासकीय कमला राजा कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, ग्वालियर के इन्क्यूवेशन सेंटर, कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ, ईको क्लब एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आज आयोजित “शिक्षा से आत्मनिर्भरता” कार्यक्रम के अंतर्गत 7 दिवसीय LED एवं धूपबत्ती निर्माण प्रशिक्षण का समापन समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को स्वरोज़गार उन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम में महाविद्यालय की 50 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।
समापन समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को न केवल आत्मविश्वासी बनाते हैं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. कुमार रत्नम, अतिरिक्त संचालक ने अपने संबोधन में कहा कि शासन स्तर पर कौशल-आधारित शिक्षा को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने छात्राओं को प्राप्त प्रशिक्षण का सदुपयोग कर लघु उद्योग एवं स्वरोज़गार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. राजेश सिंह तोमर, कुलगुरु, एमिटी विश्वविद्यालय ग्वालियर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास भी है। उन्होंने छात्राओं को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रांत प्रमुख (मध्य भारत) श्री धीरेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला संयोजक श्री राजकुमार बाजपेई, डॉ. राजकमल जादौन (संयोजक, भाषा विभाग) तथा डॉ. अशोक सिंह चौहान की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में शिक्षा को आत्मनिर्भर जीवन की कुंजी बताते हुए छात्राओं को सतत प्रयास करने की प्रेरणा दी।
न्यास की महिला विंग प्रमुख श्रीमती रेखा श्रीवास्तव, वेद प्रकाश कुलश्रेष्ठ, डॉ. आभा मिश्रा, प्रभारी कॅरियर सेल, डॉ. अंशुमान सोनी कार्यक्रम समन्वयक तथा डॉ. मोहित आर्य (इको क्लब प्रभारी) ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। प्रशिक्षण कुशल प्रशिक्षकों— श्री बृजेश शुक्ला, श्री सुनील शर्मा एवं श्री अभिषेक द्वारा दिया गया। उन्होंने छात्राओं को LED बल्ब निर्माण एवं धूपबत्ती निर्माण की व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सामंत सिंह सेंगर, इनक्यूबेशन नोडल अधिकारी द्वारा प्रभावी एवं प्रेरणादायी शैली में किया गया। अंत में आभार प्रदर्शन श्री बृजेश शुक्ला द्वारा व्यक्त किया गया। सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने न केवल तकनीकी कौशल अर्जित किया, बल्कि स्वरोज़गार की संभावनाओं को समझते हुए भविष्य में स्वयं का लघु उद्यम प्रारंभ करने की दिशा में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया।
इस प्रकार “शिक्षा से आत्मनिर्भरता” कार्यक्रम ने शिक्षा, कौशल एवं संस्कार के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए छात्राओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने की प्रेरणा प्रदान की।
