₹9.50 लाख के भुगतान के एवज में 1% और 4% रिश्वत मांगने का आरोप
भोपाल/जबलपुर 1 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भ्रष्टाचार के एक महत्वपूर्ण मामले में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPEZ) के दो वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में आरोप है कि कटनी जिले में किए गए निर्माण कार्य के ₹9.50 लाख के भुगतान के बदले अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने 1 प्रतिशत तथा कार्यपालन यंत्री ने 4 प्रतिशत रिश्वत की मांग की। शिकायत के सत्यापन के लिए ईओडब्ल्यू द्वारा कराई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग और उसके ट्रांसक्रिप्ट के आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
ईओडब्ल्यू भोपाल में अपराध क्रमांक 81/2026 आज दिनांक 1 जुलाई 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(ए) के अंतर्गत दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता अशोक कुमार द्विवेदी ने 1 जून 2026 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया कि उनकी फर्म ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील में जूनियर इंजीनियर कार्यालय के दो कमरों का निर्माण कार्य किया था, जिसकी भुगतान राशि ₹9.50 लाख लंबित थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि भुगतान जारी करने के लिए कार्यपालन यंत्री (सिविल) चंद्रशेखर मेहरा ने ₹20,000 तथा अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) प्रहलाद मर्सकोले ने ₹30,000 रिश्वत की मांग की।
EOW ने कराई बातचीत की रिकॉर्डिंग
एफआईआर के अनुसार शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने शिकायतकर्ता को एक डीवीआर एवं मेमोरी कार्ड उपलब्ध कराया और आरोपियों के साथ होने वाली बातचीत रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए।
इसके बाद अलग-अलग तिथियों पर हुई बातचीत रिकॉर्ड की गई।
- 2 जून 2026 को अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रहलाद मर्सकोले के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग में कथित रूप से भुगतान राशि का 1 प्रतिशत (लगभग ₹10,000) रिश्वत मांगे जाने का उल्लेख सामने आया।
- 19 जून 2026 को कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर मेहरा से बातचीत हुई, लेकिन एफआईआर के अनुसार उस दिन रिश्वत की स्पष्ट मांग रिकॉर्ड नहीं हो सकी।
- 23 जून 2026 को पुनः हुई बातचीत में कार्यपालन यंत्री द्वारा कथित रूप से भुगतान राशि का 4 प्रतिशत (लगभग ₹40,000) रिश्वत मांगे जाने की बात रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है।
ईओडब्ल्यू ने तीनों रिकॉर्डिंग सुनीं, उनके ट्रांसक्रिप्ट तैयार किए तथा शिकायतकर्ता के दूसरे आवेदन एवं उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर दोनों अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
इनके विरुद्ध हुआ मामला दर्ज, जांच जारी
एफआईआर के अनुसार जिन अधिकारियों के विरुद्ध अपराध दर्ज हुआ है, वे हैं—
- प्रहलाद मर्सकोले, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल), मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, रामपुर, जबलपुर।
- चंद्रशेखर मेहरा, कार्यपालन यंत्री (सिविल), मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, रामपुर, जबलपुर।
ईओडब्ल्यू जबलपुर ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। यह समाचार ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) पर आधारित है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष तथा न्यायालय में अंतिम निर्णय आना शेष है।
