नई दिल्ली 24 मार्च 2026/ लोकसभा सदन सभा पटल पर तारांकित प्रश्न क्रमांक 460 के माध्यम से सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) को सशक्त बनाने तथा किसानों, एफपीओ और निर्यातकों को मिल रही सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया।
इस पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने उत्तर देते हुए बताया कि एपीईडीए, एपीईडीए अधिनियम 1985 के तहत स्थापित एक प्रमुख सांविधिक निकाय है, जो कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने का कार्य करता है। इसके अंतर्गत किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और निर्यातकों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, विपणन एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है।
मंत्री श्री गोयल ने जानकारी दी कि 15वें वित्त आयोग (2021-22 से 2025-26) के दौरान एपीईडीए को “कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात संवर्धन योजना” के तहत 405.02 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत निर्यात अवसंरचना विकास, गुणवत्ता मानक सुदृढ़ीकरण तथा बाजार विकास जैसे तीन प्रमुख घटकों पर कार्य किया जा रहा है।
सरकार द्वारा किसानों एवं निर्यातकों की क्षमता वृद्धि के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ये कार्यक्रम राज्य सरकारों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, एनआईएफटीईएम एवं सीएफटीआरआई जैसे संस्थानों के सहयोग से संचालित हो रहे हैं, जिनमें आधुनिक कृषि पद्धतियां, गुणवत्ता नियंत्रण, अंतर्राष्ट्रीय मानक एवं विपणन रणनीतियों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही आगामी 16वें वित्त आयोग (2026-27 से 2030-31) के लिए एक संशोधित योजना तैयार की जा रही है, जिसमें प्रक्रिया को और अधिक सरल, त्वरित एवं पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुधार प्रस्तावित किए गए हैं।
सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादों के निर्यात में विस्तार तथा भारत की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
