50 से अधिक मोटरसाइकिलें भी थीं सवार, डीजल खत्म होने के आरोप से उठे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
मुरैना 16 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार सुबह चंबल नदी के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 100 से ज्यादा यात्रियों और 50 से अधिक मोटरसाइकिलों को लेकर उत्तर प्रदेश के बटेश्वर महादेव मंदिर जा रहा स्टीमर अचानक बंद हो गया। नदी के तेज बहाव के बीच इंजन बंद होने के बाद स्टीमर बहने लगा और उसमें सवार यात्रियों की सांसें अटक गईं। गनीमत रही कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
स्टीमर मुरैना जिले के पोरसा क्षेत्र स्थित नगरा-साहसपुर घाट से यात्रियों को लेकर चंबल पार कर रहा था। नदी के बीच पहुंचते ही उसका इंजन बंद हो गया। इसके बाद तेज धार के कारण स्टीमर अपने निर्धारित रास्ते से बहने लगा। यात्रियों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया और लोगों ने मोबाइल से घटना के वीडियो भी बनाए।
डीजल खत्म होने का आरोप, प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यात्रियों ने आरोप लगाया कि स्टीमर में डीजल खत्म हो गया था, जिसके कारण इंजन बंद हुआ। एक यात्री ने यह भी बताया कि स्टीमर के पंखे में कपड़ा फंसने की वजह से भी परेशानी हुई। हालांकि इन कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्टीमर में 100 से अधिक यात्रियों और दर्जनों मोटरसाइकिलों को नदी पार कराया जा रहा था, तो क्या रवाना होने से पहले ईंधन और इंजन की पर्याप्त जांच की गई थी? यदि डीजल खत्म होने के कारण इंजन बंद हुआ, तो यह महज तकनीकी खराबी नहीं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही का मामला बन सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय हुई। काफी मशक्कत के बाद स्टीमर को नदी के किनारे सुरक्षित लगाया गया और यात्रियों को बाहर निकाला गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
हादसा टला, लेकिन सवाल छोड़ गया
चंबल नदी इस समय तेज बहाव में है। ऐसे में यात्रियों से भरे स्टीमर का बीच धारा में इंजन बंद होना किसी बड़े हादसे में बदल सकता था। आज की घटना ने नदी परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों, स्टीमर के रखरखाव, ईंधन की जांच और यात्रियों की क्षमता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित बच गए, लेकिन सवाल यह है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा या नदी में यात्रियों के आवागमन वाले स्टीमरों की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल जांच कराएगा?
