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स्मार्ट सिटी काँरर्पोरेशन द्वारा शहर की तीन बावडिय़ों को वाटर हार्वेस्टिंग कर किया पूर्नजीवित

इन बावडियों के माध्यम से संरक्षित होगा 50 लाख लीटर पानी

आरओ से फिल्टर और वाटर कूलर से ठंडा पानी पी सकेगे आमजन

ग्वालियर 01 अप्रेल 2027। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत स्मार्ट सिटी काँरर्पोरेशन ने तीन बावडिय़ों को वाटर हार्वेस्टिंग कर पूर्नजीवित किया है। इन बावडिय़ों में हर साल 50 लाख लीटर पानी का संरक्षण हो सकेगा। बावडिय़ों की सुरक्षा एवं इसमें कचरा नहीं जाए इसके लिए इनके संधारण का कार्य किया गया है, साथ ही कचरे को रोकने के लिए बावडिय़ों पर लोहे का जाल भी लगाया जा रहा है। औऱ इन बावडिय़ों का पानी अब आमजन पीने के लिये प्रयोग कर सकेगे, इसके लिए तीनों बावडिय़ों में आरओ प्लांट का भी प्रावधान किया गया है। आरओ प्लांट से पानी फिल्टर होने के बाद वाटर कूलरों में जाएंगा जहां से लोग ठंडे पानी से अपनी प्यास बुझा सकेंगे।

नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने जानकारी देते हुये बताया कि स्मार्ट सिटी द्वारा शहर की एसएएफ की द्धितीय वाहिनी में बनी स्टेटकाल के समय की बावड़ी, सेनापति हनुमान मंदिर कांचमील, एवं इटालियन गार्डन में बनी बावडिय़ों को पूर्नजीवित करने का कार्य किया है। तीनों बावडिय़ों में संधारण इत्यादी का कार्य पूर्ण हो चुका है, अब सिर्फ फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इस परियोजना के तहत तीनों बावडिय़ों के संरक्षण के लिए पहले बावड़ी के अंदर से कचरा निकाला गया, इसके बाद बावड़ी के टूटे एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक किया गया। इसके बाद तीनों बावडिय़ों के पास ही बारिश के पानी को फिल्टर करने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग किट लगाई गई है। इस किट से पानी फिल्टर होकर सीधे बावडिय़ों में जाएंगा जिससे भूजलस्तर भी बढ़ेगा साथ ही यहां पर आने वाले पर्यटकों की प्यास भी बुझ सकेगी। तीनों बावडिय़ों का संरक्षण और संधारण का कार्य लगभग 97 लाख रुपए की लागत से किया गया है। जिसमे बावड़ी के संधारण, वाटर हार्वेस्टिंग किट एवं पुताई एवं अन्य कार्य़ शामिल है।

इन बावडिय़ों में हर साल इतना पानी होगा संरक्षित

द्धितीय वाहिनी एसएएफ में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अस्तबल की छत एवं आसपास के मैदान का पानी बावड़ी में पहुंचाया जाएगा। यह काफी बड़ा क्षेत्र है, जिससे बावड़ी में बारिश का लगभग 22 से 23 लाख लीटर पानी हर साल संरक्षित होगा। जबकि इटालियन गार्डन की बावड़ी में हर साल 5 से 6 लाख लीटर पानी संरक्षित होगा। वहीं सेनापति हनुमान मंदिर का क्षेत्र काफी बड़ा है। यहां पर मैदान को लेवल कर उसका पानी बावड़ी में लाया जाएगा। यहां भी हर साल बारिश का लगभग 22 से 25 लाख लीटर पानी संरक्षित होगा।