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प्रदेश में मौसम का कहर: फसलों को भारी नुकसान

ग्वालियर सहित कई जिलों में भारी ओलावृष्टि..

ग्वालियर/भोपाल 4 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश में आज शनिवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भारी तबाही मचा दी। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया सहित आसपास के इलाकों में तेज आंधी-बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और किसानों की खड़ी फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

ग्वालियर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बड़े आकार के ओले गिरे। कई स्थानों पर सड़कों और खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। भिंड, मुरैना और दतिया जिलों में भी यही स्थिति देखने को मिली, जहां गेहूं, सरसों और चना की फसल को व्यापक नुकसान हुआ।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी ओलावृष्टि, किसानों की बढ़ी चिंता

मौसम के इस बदलाव का असर सिर्फ ग्वालियर-चंबल तक सीमित नहीं रहा। शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर और भोपाल संभाग के कई हिस्सों में भी तेज बारिश के साथ ओले गिरे। कई जगहों पर बिजली गिरने और तेज आंधी की भी खबरें सामने आई हैं।

इस समय गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है, ऐसे में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी फसल गिरने और दानों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार हजारों हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट, सर्वे के निर्देश

प्रदेश सरकार ने हालात को देखते हुए जिला प्रशासन को तुरंत फसल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रिपोर्ट शीघ्र तैयार कर राहत प्रक्रिया शुरू की जाए।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह स्थिति बनी है। अगले 24 से 48 घंटों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ओले की सफेद चादरअचानक हुई इस ओलावृष्टि ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं किसानों के लिए यह बड़ा संकट बनकर सामने आई है। अब सभी की नजर प्रशासनिक सर्वे और राहत पैकेज पर टिकी हुई है।