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मध्य प्रदेश में कानून–व्यवस्था पर बढ़ी सियासी गर्मी

ग्वालियर में बढ़ते अपराध पर विपक्ष का हमला..

भोपाल/ग्वालियर, 19 नवंबर 2025। मध्य प्रदेश में कानून–व्यवस्था को लेकर आज पूरे दिन सियासी हलचल बनी रही। एक तरफ कई जिलों में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि ने चिंता बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने सरकार पर “कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त” होने का आरोप लगाया। गृहमंत्री ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए सख्त और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है।

ग्वालियर में लूट, गैंग एक्टिविटी और सड़क हादसों के बढ़ते मामले चिंता का कारण बन रहे हैं। यहां पिछले कुछ दिनों से बढ़े अपराधों ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।

बीते 24 घंटों में लूट और मोबाइल स्नैचिंग की दो बड़ी घटनाएँ सामने आईं। मोतीमहल, हजीरा और कंपू इलाके में गैंग एक्टिविटी बढ़ने के संकेत मिले हैं। अवैध हथियार और नशे के कारोबार से जुड़े 6 संदिग्ध हिरासत में लिए गए। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

विपक्ष ने इन हालात पर निशाना साधते हुए कहा,
“सरकार विकास के दावे कर रही है, जबकि जमीन पर ग्वालियर अपराधियों के लिए सुरक्षित शहर बन चुका है।”

इंदौर, भोपाल और जबलपुर सहित कई जिलों में घटनाओं से बढ़ी चिंता

प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी महत्वपूर्ण मामले सामने आए—

इंदौर में व्यापारी से 15 लाख की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज।

जबलपुर में नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, 12 लोग गिरफ्तार।

भोपाल में महिला सुरक्षा से जुड़े दो मामलों में त्वरित FIR और गिरफ्तारी हुई।

विपक्ष ने इसे “व्यवस्था की कमजोरी” बताया, जबकि सरकार ने कहा कि “तेजी से की गई कार्रवाई ही बताती है कि पुलिस सक्रिय है और अपराध नियंत्रण में है।”

कानून व्यवस्थासरकार की सफाई: ‘कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता’

मुख्यमंत्री (गृहमंत्री) ने कहा कि प्रदेश में एंटी-गैंग ऑपरेशन, महिला सुरक्षा सेल, नाइट पेट्रोलिंग, और साइबर क्राइम यूनिट
को और मजबूत किया गया है। उन्होंने दावा किया कि—
“अपराध बढ़ा नहीं है, बल्कि रिपोर्टिंग बेहतर होने से आंकड़े साफ दिख रहे हैं।”