पत्रकारों की सुरक्षा और जवाबदेही पर सांसद चौधरी का सशक्त प्रहार
“पत्रकार सुरक्षित तो लोकतंत्र मजबूत”—संसद में उठा बड़ा सवाल
कलम की आज़ादी भी, जवाबदेही भी—संतुलित नीति की मांग
नई दिल्ली 27 मार्च 2026। संसद के लोकसभा सदन में शुक्रवार को होशंगाबाद-नरसिंहपुर क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने शून्यकाल के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े अहम मुद्दे को मजबूती से उठाया। उन्होंने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ—पत्रकारिता—की सुरक्षा, सम्मान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सांसद चौधरी ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की आत्मा है, जो सत्ता और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फील्ड में कार्यरत पत्रकार आज भी कई जोखिमों का सामना कर रहे हैं और उन्हें अपेक्षित सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने सरकार से “पत्रकार सुरक्षा एवं कल्याण नीति” बनाने की मांग करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए, जिनमें सुरक्षा व्यवस्था, बीमा, शिक्षा सहायता, आवास सुविधा और यात्रा में रियायत शामिल हैं।
सांसद ने अपने वक्तव्य में कहा—“जब कलम सुरक्षित होगी, तभी सच निर्भीक होकर सामने आएगा और लोकतंत्र मजबूत होगा।” इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता की आड़ में हो रहे दुरुपयोग और अनैतिक गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने की भी बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईमानदार पत्रकारों की सुरक्षा जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी गलत प्रवृत्तियों पर नियंत्रण भी है।
अंत में सांसद चौधरी ने सरकार से इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की मांग है, जिससे लोकतंत्र और अधिक सशक्त बन सके।
देखिए संसद में सांसद चौधरी की गूंज
