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सीबीएस कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल का सीबीएसई एफीलिएशन एक जगह, संचालन दूसरी जगह!

चकजगरूपुरा/मदनपुरा सुसेरा कोठी रोड से एफीलिएशन, पीएचई कॉलोनी चार शहर के नाका से स्कूल संचालन—सीबीएसई के नियमों पर बड़े सवाल

युग क्रांति की पड़ताल में सामने आया चौंकाने वाला मामला, एफीलिएशन वाले कैंपस में महीनों से जड़ा ताला; आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह पूरा खेल?

ग्वालियर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नियमों की परवाह न करना ग्वालियर में कुछ स्कूल संचालकों की मनमानी का नया चेहरा बनता जा रहा है। रामश्री इंडिया इंटरनेशनल स्कूल के बाद अब युग क्रांति की पड़ताल में सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध सीबीएस कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्कूल की मान्यता, संचालन और निरीक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूरा मामला यह है कि श्रीमती पुष्पा शिक्षा प्रसार समिति द्वारा संचालित सीबीएस कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल को ग्राम चकजगरूपुरा, सुषेरा कोठी रोड, पोस्ट-भदरौली, ग्वालियर के पते पर सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता मिली है। इसका एप्लीकेशन नंबर 1031505 बताया गया है और संबद्धता अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक है।

एफीलिएशन वाले कैंपस में ताला, फिर कहां चल रही हैं कक्षाएं?

युग क्रांति टीम तंग एवं सकरी गलियों से बड़ी मुश्किल से गुजरते हुए जब सीबीएसई के रिकॉर्ड में दर्ज उक्त पते पर शुक्रवार दोपहर 12:00 बजे पहुंची तो सामने का दृश्य कई सवाल खड़े करने वाला था।

सीबीएस स्कूल केंपस

चारों तरफ पानी का समंदर, आधी-अधूरी भवन संरचना, परिसर में पड़ा भारी मात्रा में बिल्डिंग मटेरियल और मुख्य गेट पर जंग लगा ताला। पड़ताल के दौरान ऐसा कोई स्पष्ट शैक्षणिक गतिविधि का प्रमाण मौके पर दिखाई नहीं दिया, जिससे यह पुष्टि हो सके कि यहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित हो रही हैं। जबकि स्कूल प्रबंधन की ओर से कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं इसी मुख्य कैंपस में संचालित होने की जानकारी दी गई।

यहीं से सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—यदि सीबीएसई संबद्धता इसी भवन के पते पर है और इसी परिसर में कक्षा 9 से 12 तक संचालन होना बताया जा रहा है, तो मौके पर स्कूल की नियमित गतिविधियां कहां हैं?

एक पता सीबीएसई के रिकॉर्ड में, दूसरा पता स्कूल संचालन के लिए!

युग क्रांति टीम ने इसके बाद पीएचई कॉलोनी, चार शहर के नाका स्थित स्कूल के मेन अथवा अन्य ब्रांच से संपर्क किया। स्कूल प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीबीएस कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल नर्सरी से कक्षा 12वीं तक सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है। प्रबंधन के अनुसार नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं पीएचई कॉलोनी में संचालित हो रही हैं, जबकि कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं चकजगरूपुरा, सुषेरा कोठी रोड स्थित मुख्य कैंपस में संचालित होना बताया गया।

अब सवाल यह है कि यदि सीबीएसई की संबद्धता चकजगरूपुरा स्थित भवन के पते पर है तो पीएचई कॉलोनी स्थित परिसर में संचालित कक्षाओं की वैधानिक स्थिति क्या है? और यदि पीएचई कॉलोनी वाला परिसर किसी अन्य बोर्ड की मान्यता अथवा संबद्धता के आधार पर संचालित है, तो वहां सीबीएसई स्कूल की नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं किस नियम और किस अनुमति के तहत संचालित की जा रही हैं?

सीबीएसई ने पहले रिजेक्ट किया था आवेदन? फिर अचानक बदल गया फैसला!

मामला यहीं खत्म नहीं होता। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीबीएसई संबद्धता के लिए सीबीएस कॉन्वेंट स्कूल द्वारा किए गए आवेदन पर बोर्ड स्तर से रिजेक्शन भी लगाया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों में वही मामला रिजेक्शन से एक्सेप्टेशन में कैसे बदल गया—यह अपने आप में गंभीर जांच का विषय है। आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि जिस आवेदन पर आपत्ति अथवा रिजेक्शन सामने आया, उसी में अचानक संबद्धता का रास्ता साफ हो गया?

क्या सीबीएसई के निरीक्षण और संबद्धता की पूरी प्रक्रिया वास्तव में उसी भवन और उसी शैक्षणिक गतिविधि के आधार पर हुई, जो रिकॉर्ड में दिखाई जा रही है? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मौके की जमीनी स्थिति और स्कूल प्रबंधन द्वारा बताए जा रहे संचालन में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।

एक स्कूल या पूरा एजुकेशन नेटवर्क? पड़ताल अभी जारी

सूत्रों और अब तक की पड़ताल के अनुसार सीबीएस केवल एक सीबीएसई अथवा एमपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक बड़े एजुकेशन ग्रुप के रूप में संचालित किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। ऐसे में सुसेरा रोड स्थित भवन कई तरह के निरीक्षणों और कागजी प्रक्रियाओं की प्रयोगशाला जैसा प्रतीत होता है। सवाल यह भी है कि क्या संबंधित विभागों और बोर्ड के निरीक्षण के दौरान मौके की वास्तविक स्थिति को उसी रूप में प्रस्तुत किया गया था, जैसी आज दिखाई दे रही है?

यदि स्कूल प्रबंधन और दस्तावेजों में दर्ज जानकारी सही है तो उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। लेकिन यदि एफीलिएशन एक भवन के नाम पर और वास्तविक शैक्षणिक संचालन दूसरे परिसर से हो रहा है, तो यह केवल एक स्कूल का मामला नहीं, बल्कि सीबीएसई की संबद्धता प्रक्रिया और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल है।

युग क्रांति की पड़ताल जारी है। अब सवाल स्कूल प्रबंधन से ज्यादा उन जिम्मेदार अधिकारियों से है, जिनके निरीक्षण और अनुमति के आधार पर यह पूरा तंत्र खड़ा होता है—क्या इस मामले में जांच होगी, दस्तावेजों की पड़ताल होगी और यदि नियमों का उल्लंघन मिला तो संबंधित स्कूल संचालक पर शिकंजा कसेगा?