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स्कूल बसों की जाँच के लिये विशेष अभियान जारी, बसों के लिए दिशा-निर्देश जारी

50 बसों की जाँच की, 8 बसों में मिली कमियां, लगाया 22,500 रुपए का अर्थदण्ड

ग्वालियर 08 अप्रैल 2026/ नए शिक्षा सत्र के आरंभ होते ही ग्वालियर जिले में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान के निर्देश पर स्कूली बसों की जाँच करने का परिवहन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दून पब्लिक स्कूल एवं ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल सहित अन्य स्कूलों में पहुंचकर 50 से अधिक स्कूल की बसों की जांच की। इस दौरान 8 बसों में कमियां पाई जाने पर 22 हजार 500 रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया। उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान द्वारा स्कूल बसों के लिए दिशा-निर्देश जारी कराए गए हैं।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री विक्रमजीत सिंह कंग ने बताया कि परिवहन विभाग की अलग-अलग टीमों ने बुधवार को दून पब्लिक स्कूल एवं ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में पहुंचकर बसों की जांच की। बसों के अंदर अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट ऐड बॉक्स इत्यादि की जाँच की। साथ ही बिना फिटनेस एवं बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट आदि कमियां पाई जाने पर 8 स्कूल बसों का चालान कर 22 हजार 500 रुपए का अर्थदण्ड लगाया।

स्कूली बसों के लिये यह दिशा-निर्देश जारी

स्कूल बसों के संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिये। स्कूल बस के आगे एवं पीछे “स्कूल बस” लिखा होना चाहिये। यदि अनुबंधित बस हो तो उक्त बस पर “ऑन स्कूल ड्यूटी” लिखा होना चाहिये। स्कूल बस में प्राथमिक उपचार के लिये फर्स्ट एड बॉक्स होना अनिवार्य है। स्कूल बसों में निर्धारित मानक के अनुसार गति नियंत्रक यंत्र (एस.एल.डी.) होना आवश्यक है। स्कूल बसों में खिडकियों पर (हॉरिजेन्टल) ग्रिल्स होना अनिवार्य है। स्कूल बस में अग्निशमन यंत्र की सुविधा हो। स्कूल बस में स्कूल का नाम एवं दूरभाष क्रमांक अंकित हो । स्कूल बस में प्रवेश एवं निर्गम हेतु पृथक-पृथक दो दरवाजे होना चाहिये। स्कूल बस के दरवाजों पर लगे ताले ठीक स्थिति में हों। स्कूल बस में शिक्षित / प्रशिक्षित परिचालक हो। किसी भी शिक्षक अथवा पालक को बस में सुरक्षा मुआवना करने की दृष्टि से जाने की सुविधा हो। स्कूल बस के चालक के पास कम से कम पाँच वर्ष पुराना भारी वाहन चलाने का अनुभव हो। स्कूल बस में सीटों के नीचे बस्तों की सुरक्षा हेतु अलग से स्थान हो। स्कूल बस पर ऐसा चालक रखा जावे जिस पर लाल बत्ती तोडने के जुर्म में एकाधिक बार चालानी कार्यवाही न की गयी हो, जिन चालकों के विरूद्ध ओव्हर स्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के अपराध में चालानी कार्यवाही की गयी हो, ऐसे अनाधिकृत व्यक्ति को चालक न रखा जावे।

स्कूल बसों में GPS सिस्टम एवम CCTV कैमरे लगे हों और कार्यरत हों। स्कूल बसो में शिक्षित / प्रशिक्षित परिचारिक हो/जिन बसों में छात्राएँ हैं वहाँ शिक्षित / प्रशिक्षित परिचारिका हो। स्कूल संचालकों द्वारा एक ट्रांसपोर्टर मैनेजर की नियुक्ति होना चाहिये जो बच्चों की सुरक्षा हेतु उत्तरदायी हो। स्कूल बस में VLTD एवं पैनिक बटन नियमानुसार स्थापित है / स्थापित किया गया हो।