मुख्यमंत्री तत्काल मुआवजा और इलाज सुनिश्चित करें — उमंग सिंघार
इंदौर 6 जनवरी 2026। राऊ विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी के नेतृत्व में कांग्रेस परिवार के साथियों के साथ एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आगामी 11 जनवरी को इंदौर में प्रस्तावित “न्याय यात्रा” की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में AICC की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती उषा नायडू जी, इंदौर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री विपिन वानखेड़े जी, सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहे।
बैठक के उपरांत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी एवं नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी इंदौर में दूषित पानी पीने से पीड़ित परिजनों से मिलकर उनका दुख बाँटना चाहते थे, लेकिन मोहन यादव सरकार ने सैकड़ों पुलिस जवानों की तैनाती और बैरिकेडिंग कर उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने से रोक दिया। यह घटना स्पष्ट करती है कि प्रदेश सरकार सच्चाई और जवाबदेही से कितनी भयभीत है।
इसके बावजूद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी एवं प्रतिपक्ष के नेता श्री उमंग कांग्रेस ने आज इंदौर में जहरीला पानी पीने से मृतक पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात कर उनके दर्द और त्रासदी को वीडियो माध्यम से सार्वजनिक किया।
पटवारी ने कहा कि अत्यंत दुख और पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है कि सरकारी रिकॉर्ड में 17 लोगों की मौत दर्ज होने के बावजूद मात्र 4 पीड़ित परिवारों को ही दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। यह भाजपा सरकार की घोर असंवेदनशीलता, लापरवाही और भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण है। जिन निर्दोष नागरिकों की जान गई, उनकी पीड़ा को यह सरकार आंकड़ों में दबाने का प्रयास कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा_इंदौर की जनता ने वर्षों की मेहनत, अनुशासन और जागरूकता से शहर को स्वच्छता में देश का सिरमौर बनाया।आज उसी इंदौर को सरकारी लापरवाही के ज़हरीले पानी ने कलंकित किया है।यह कोई हादसा नहीं, बल्कि संगठित सरकारी अपराध है। मां अहिल्या की न्याय नगरी में दूषित पानी से गई हर जान सरकारी हत्या का प्रमाण है।
इस कलंक-कथा के प्रमुख चेहरे कैलाश विजयवर्गीय तुरंत इस्तीफ़ा दें! प्रभारी मंत्री के नाते मोहन यादव जी भी नाक रगड़कर, मेरे इंदौर की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें!
नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा कि मन दुखी है यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और कुशासन का जीवंत प्रमाण है, जिसका खामियाज़ा आज निर्दोष जनता भुगत रही है।
मुख्यमंत्री तत्काल दूषित पानी से प्रभावित सभी मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ, समुचित उपचार एवं हर संभव सहायता बिना किसी देरी के उपलब्ध कराए !
“मुख्यमंत्री से मेरी स्पष्ट और दृढ़ माँग है कि मृतकों के परिजनों को तत्काल एवं उचित मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
भागीरथपुरा सहित इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के आँकड़े भाजपा सरकार दबा रही है।”
कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट माँगें —
• प्रत्येक मृतक के परिवार को न्यूनतम ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए
• इंदौर के महापौर पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मुकदमा चलाया जाए और तत्काल बर्खास्त किया जाए
• शिकायतों के बावजूद स्वच्छ पेयजल उपलब्ध न करवाने के दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो
• कैलाश विजयवर्गीय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल मंत्री पद से इस्तीफा दें
• प्रभारी मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री स्वयं राजवाड़ा में मां अहिल्या की प्रतिमा के समक्ष जनता से माफी माँगें
इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री सज्जन वर्मा, विधायक श्री सचिन यादव ,श्री पंकज उपाध्याय, AICC की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती उषा नायडू, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, इंदौर ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री विपिन वानखेड़े , इंदौर शहर के अध्यक्ष श्री चिंटू चौकसे , महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती रीना बौरासी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
