भोपाल/इंदौर, 21 फरवरी 2026। नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और थाने से लेकर मुख्य सचिव तक शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया है।
भाजपा का पक्ष: “देश की छवि धूमिल करने की साजिश”
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन कर कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की। भोपाल में प्रदर्शन का नेतृत्व मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने किया। श्याम टेलर ने आरोप लगाया कि दिल्ली में एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया अर्धनग्न प्रदर्शन “भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा पर आघात” है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तकनीकी और डिजिटल क्षेत्र में वैश्विक मंच पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है, जिसे कांग्रेस पचा नहीं पा रही।
भाजपा नेताओं के अनुसार, एआई समिट में 100 से अधिक देशों और कई वैश्विक कंपनियों की भागीदारी भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख का प्रमाण है। ऐसे समय में विरोध प्रदर्शन को उन्होंने “दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रविरोधी” बताया।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल—जिसमें प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, विधायक रामेश्वर शर्मा और श्याम टेलर शामिल रहे—ने हबीबगंज थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि भोपाल और इंदौर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पथराव किया। भाजपा ने इसे “सुनियोजित हमला” बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस का पलटवार: “भाजपा के संरक्षण में हमला, पुलिस निष्क्रिय”
दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस कार्यालयों में तोड़फोड़ और हिंसा का आरोप लगाया है।
कांग्रेस का दावा है कि भोपाल, इंदौर सहित कई स्थानों पर भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठित रूप से कांग्रेस कार्यालयों पर हमला किया, पत्थरबाज़ी की और जानलेवा हमले का प्रयास किया।
पत्र में पुलिस प्रशासन पर भी निष्क्रियता और पक्षपात का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने कहा है कि घटना के बाद उल्टा कांग्रेस नेताओं पर “प्रताड़नात्मक और निराधार प्रकरण” दर्ज किए जा रहे हैं। जीतू पटवारी ने निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई दल या पद देखकर नहीं, बल्कि कानून के आधार पर होनी चाहिए।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच कानून-व्यवस्था पर सवाल
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस “देश की उपलब्धियों का विरोध” कर रही है और हिंसा की राजनीति कर रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि सत्ता के संरक्षण में “गुंडागर्दी और तोड़फोड़” की जा रही है तथा प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने में विफल रहा है।
दोनों पक्षों द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने और प्रशासन से कार्रवाई की मांग के बाद अब निगाहें जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं।प्रदेश की राजनीति में एआई समिट से शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था और राजनीतिक शुचिता के सवालों तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सड़क से सदन तक गूंजने के आसार हैं।
