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सूरमा कभी लकीर पर नहीं चलते वो अपनी राह खुद तय करते हैं – श्री पवैया

संस्कार भारती ग्वालियर और वंदे मातरम समूह द्वारा व्यक्तित्व विकास शिविर एवं नाट्य कार्यशाला

ग्वालियर 16 अगस्त 2026/ संस्कार भारती ग्वालियर और वंदे मातरम समूह द्वारा व्यक्तित्व विकास शिविर एवं नाट्य कार्यशाला कला दर्शन 2026, पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। यह महानाट्य नई पीढी के लिए मार्ग प्रशस्त करने में सहायक होगा। जब ये बच्चे महा नायकों के पात्र की भूमिका अदा करते हैं तो वह चरित्र उनके जीवन में उतरने लगता है। बिना क्रांतिकारियों के बलिदान व संघर्ष के हम स्वतंत्रता का सपना नहीं देख सकते। लकीर पर अंधे चलते हैं सूरमा कभी लकीर पर नहीं चलते वो अपनी राह खुद तय करते हैं।

यह बलिदान मेला इसका बेहतरीन उदाहरण है। इसके माध्यम से कई छोटी बच्चियों ने लक्ष्मीबाई के किरदार को समझा व जिया। किसी भी अच्छे कार्य को ईश्वर स्वयं संचालित करते हैं। बलिदान मेला इसका बेहतरीन उदाहरण है। इस मेले की सफलता का पूरा श्रेय बाल कलाकारों को जाता है। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम का पूरा गायन किया गया, इससे हमने पूरी दुनिया की बता दिया कि हम अपनी संस्कृति और विरासत के साथ समझौता नहीं करेंगे। यह बात मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री जयभान सिंह पवैया ने कही। वह संस्कार भारती ग्वालियर और वंदे मातरम समूह द्वारा व्यक्तित्व विकास शिविर एवं नाट्य कार्यशाला कला दर्शन 2026, पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने की। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती एवं वंदे मातरम् समूह द्वारा संस्कृति, कला और साहित्य के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया जा रहा है। इन संस्थाओं से जुड़े हुए कलाकार विभिन्न नाट्य एवं प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति और संस्कृति के विकास का कार्य कर रहे हैं। इस दौरान कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभागियों को मंच से पुरस्कृत किया गया। साथ ही युवा कलाकारों ने व्यक्तित्व विकास शिविर,खूब लड़ी मर्दानी और वीर योद्धा महाराणा प्रताप महा नाट्य के संबंध में अपने अनुभव साझा किए।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि वंदे मातरम समूह के संरक्षक यशपाल सिंह तोमर, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ राकेश सिंह कुशवाह, कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ बीआर श्रीवास्तव, वंदे मातरम समूह के संरक्षक डॉ ए एस भल्ला, पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया रहे। कार्यक्रम का प्रतिवेदन वंदेमातरम समूह के अध्यक्ष चंद्र प्रताप सिकरवार ने पढ़ा। स्वागत भाषण दिनेश चंद्र दुबे ने व अंत में आभार संस्कार भारती के अध्यक्ष डॉ संजय धवले ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने की।

बच्चों में देश प्रेम की भावना विकसित हो

डॉ यशपाल सिंह तोमर ने कहा कि जब हम समाज के लिए कार्य करते हैं तो वो काम और वह व्यक्ति आने वाले समय में नायक के रूप में जाना जाता है। महानायकों के गुणों को अपने जीवन में उतारें जिससे नई पीढ़ी के लिए रास्ते खुल सकें।

डॉ राकेश सिंह कुशवाह ने कहा कि हम ऐसे कार्य करे जिनसे छोटे बच्चों में देश प्रेम की भावना विकसित हो सके।
डॉ बी आर श्रीवास्तव ने कहा कि हमारी संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाने के लिए देश के नायकों की गाथाएं नई पीढ़ियों को सुनानी चाहिए। उच्च शिक्षा से केवल विद्वान बना जा सकता है लेकिन विधावान नहीं बना जा सकता।

इनको किया पुरूस्कृत

डॉ सुनील पावगी

श्रेष्ठ कला गुरु सम्मान

अनिल तिवारी, नवनीत कौशल, नारायण पिरोनिया (श्रेष्ठ रूप सज्जा), अनामिका अग्रवाल, विवेक राजावत, शिखा सोनी, रिपुसुदन झा, मोनिका श्रीवास्तव।

कला गुरु सम्मान

डॉ ओमप्रकाश माहौर, डॉ रूबी गुप्ता, दीपा गुप्ता, दीपा तिवारी, रिपुसुदन झा, सचिन चंद्र गुप्ता, तेज प्रताप, ऋषिकेश तोमर, प्रदीप कुशवाह, एकात्मता शर्मा, उत्तम पाठक, आकाश सिंह राजावत, राजेश कटारे।

श्रेष्ठ कलाकार सम्मान
– जितेंद्र भारद्वाज

नृत्य प्रतियोगिता (सब जूनियर)

प्रथम – शिवा भारद्वाज, द्वितीय – लक्ष्मी बाथम, तृतीय – अश्विनी जाधव, त्रिशा भार्गव।
– मंत्रिता शर्मा

सीनियर वर्ग

प्रथम – लक्ष्मी कानाडे , द्वितीय – सौम्या राठौर, तृतीय – राशि पिरोनिया।
वैष्णवी बाथम, चंचल कदम तृतीय
जूनियर वर्ग
अतुल चतुर्वेदी
सर्वश्रेष्ठ छात्रा – मणि कटारे
सर्वश्रेष्ठ छात्र – हिमांशु शर्मा।