ब्रेकिंग

राखी बांधिए किन्तु देख भालकर

राकेश अचल   achalrakesh1959@gmail.coma देश की समस्त बहनों को रक्षाबंधन की कोटि-कोटि बधाइयाँ ,साथ ही मुफ्त में तमाम सलाहें। राखी कच्चे धागों के जरिये भाई-बहन के स्नेह को इंगित करने वाला पवित्र त्यौहार है ,लेकिन अब इसे भी बाजार कर सियासत की नजर लग गयी है। पहले बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर अपने…

Read More

फेंकना ही है तो नीरज की तरह फेंको

राकेश अचल achalrakessh1959@gmail.com भारत में फेंकना एक मुहावरा भी है और एक कला भी। एक खेल के रूप में फेंकना विकसित हुआ था प्राचीन ग्रीस में। फेंकते तो हम भारतीय भी थे ।  महाभारत काल से अब तक हमने फेंकना नहीं छोड़ा। फेंकने के लिए दुनिया ने भाला ही इस्तेमाल किया । भाला फेंकना ओलिंपिक…

Read More

विवादों का नामकरण संस्कार

 राकेश अचल achalrakesh1959@gmail.com a प्रतिदिन लिखने के लिए आपको नया विषय चाहिए .ऊपर वाले की कृपा है कि मुझे आजतक विषय को लेकर कभी कोई फ़िक्र नहीं हुई ,क्योंकि हमारी सियासत विषयों की जननी है .जैसे आवश्यकता को आविष्कार की जननी माना जाता है ,वैसे ही मै भारतीय सियासत को विवादों की जननी मानता हूँ….

Read More

अमरमणि पर कृपा के निहितार्थ

राकेश अचल achalrakesh1959@gmail.com हिंदी पट्टी कोई सियासत में अगर सबसे ज्यादा गर्म कोई खबर है तो वो है पूर्व मंत्री और कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा भुगत रहे अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी की समय पूर्व रिहाई। उत्तरप्रदेश में बुलडोजर संस्कृति के जनक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके…

Read More

नेहरू से नरेंद्र तक प्रगति की बधाई

राकेश अचल achalrakesh1959@gmail.com आज कोरी गप्प नहीं लिख रहा । आंकड़े दे रहा हूँ । जिससे आप जान सकें कि भारत बैलगाड़ी युग से कहाँ तक आ गया है।पहले आम चुनाव में पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को चुनाव प्रचार केलिए 1612 किमी रेल से ,5682 मील कार से 18348 किमी हवाई जहाज से और…

Read More

चाँद पर चंद्रयान ,यानी भारत महान

राकेश अचल achalrakesh1959@gmail.com यान हो विमान ,इन शब्दों से हम भारतीय सदियों से वाकिफ है । भले ही हमारी जानकारी का आधार पौराणिक आख्यान हों या श्रुतियाँ। इस लिहाज से 23 सितंबर 2023 को चन्द्रमा के दक्षिणी छोर पर उतरा भारत का मानव रहित चंद्रयान -3 हमारी एक बड़ी उपलब्धि है । देश की जनता…

Read More

लद्दाख में पिघलती राजनीति की बर्फ

राकेश अचल achalrakesh1959@gmail.com आज जब पूरे देश और दुनिया की नजर चन्द्रमा पर टिकी है उसी समय भारत में लद्दाख में सियासत की बर्फ भी तेजी से पिघलती दिखाई दे रही है । बात राहुल गांधी के लद्दाख दौरे की है। बात प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जॉहन्सबर्ग दौरे की भी की जा सकती है…

Read More

अपनी   आँखों को बचाइए सियासी धूल से

 राकेश  अचल   achalrakesh1959@gmail.com मै चिकित्स्क नहीं हूँ लेकिन अपने पाठकों का शुभचिंतक  अवश्य हूँ,इसलिए उन्हें आगाह करते रहना मेरा काम है ।  आजकल देश में ‘ आई फ्ल्यू ‘का मौसम है ।  लेकिन आँखों को सबसे ज्यादा खतरा सियासी धूल से ह।  हमारे राष्ट्रभक्त नेता अपने पाप छिपाने के लिए जनता की आँखों में धूल…

Read More

नागों को पूजिये लेकिन दूध मत पिलाइये

 राकेश अचल achalrakesh1959@gmail.com भारत में श्रवण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नागों को पूजने का विधान है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता माने गए हैं। नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा, व्रत रखने और कथा पढ़ने से व्यक्ति को कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है, भय दूर…

Read More

महाराज बनाम कमलनाथ क्यों नहीं ?

राकेश अचल achalrakesh1959@gmail.com मध्यप्रदेश विधानसभा के 2018 के चुनाव में भाजपा ने ‘ महाराज बनाम शिवराज ‘ का नारा देकर चुनावी जंग लड़ी थी, अब ‘ महाराज ‘ यानि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं तो भाजपा ‘ महाराज बनाम कमलनाथ ‘ का नारा उछालने में क्यों संकोच कर रही है।? क्या तीन साल…

Read More