नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र..
भोपाल 16 मार्च 2026। मध्यप्रदेश में विभिन्न राज्यों से संचालित हो रहे संगठित GST चोरी के नेटवर्क को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की केंद्रीय स्तर पर व्यापक जांच कराने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
सिंघार ने कहा है कि मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से GST चोरी का नेटवर्क संचालित हो रहा है, जिसके माध्यम से अन्य राज्यों से आने वाले माल का व्यापार बिना वैध कर भुगतान के किया जा रहा है।
कई राज्यों से आ रहा माल, फर्जी E-Way Bill का इस्तेमाल
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों से बड़ी मात्रा में आयरन सामग्री, निर्माण सामग्री और मसाले ट्रकों के माध्यम से मध्यप्रदेश लाए जा रहे हैं और फिर पूरे प्रदेश में वितरित किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान फर्जी या हेरफेर किए गए E-Way Bill का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई मामलों में माल की वास्तविक मात्रा और कीमत कम दिखाकर अंडर-इनवॉइसिंग की जाती है, ताकि देय GST कम चुकाना पड़े।
बिचौलियों और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की भूमिका
सिंघार के अनुसार इस पूरे खेल के पीछे बिचौलियों और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का संगठित तंत्र काम कर रहा है। यही नेटवर्क विभिन्न राज्यों से माल को बिना कर भुगतान के मध्यप्रदेश तक पहुंचाने और बाजार में खपाने की व्यवस्था करता है।
सरकारों को हजारों करोड़ का नुकसान
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में दावा किया है कि इस प्रकार की गतिविधियों के कारण भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार दोनों को हर साल हजारों करोड़ रुपये के GST राजस्व का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुख्ता प्रमाण भी उपलब्ध हैं, इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्तर पर निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।
केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग
सिंघार ने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि इस पूरे मामले में संगठित नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट चैनलों और संबंधित संस्थाओं की भूमिका की गहन जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष, मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री और राज्य के प्रमुख सचिव (वाणिज्यिक कर) को भी भेजी है।
राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा अब बड़ा आर्थिक घोटाला बनने की चर्चा में है। यदि आरोपों की केंद्रीय स्तर पर जांच होती है तो प्रदेश में GST चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
