भाजपा बोली—सेवा, सुशासन और विकसित मध्यप्रदेश हमारा संकल्प; कांग्रेस का पलटवार—कर्ज, बेरोजगारी, अपराध और भ्रष्टाचार पर जवाब दे सरकार
ओरछा/भोपाल, 30 अगस्त 2026। रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में जहां पार्टी ने बुंदेलखंड से लेकर किसान, युवा, महिला, उद्योग और रोजगार तक के विकास का रोडमैप सामने रखा, वहीं कांग्रेस ने भाजपा की बैठक को आगामी चुनाव की तैयारी बताते हुए सरकार की मौजूदा कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
एक ओर भाजपा ने केन-बेतवा लिंक परियोजना, निवेश, रोजगार और किसान कल्याण को अपनी उपलब्धियों के तौर पर गिनाया, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी, अपराध, भ्रष्टाचार और किसान संकट को लेकर सरकार को घेरा।
भाजपा का दावा—केन-बेतवा से बदलेगा बुंदेलखंड का भविष्य
भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने मीडिया सेंटर में राजनीतिक प्रस्ताव की जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी का लक्ष्य सेवा, सुशासन, सामाजिक समरसता और विकसित मध्यप्रदेश है। प्रदेश कार्यसमिति में बुंदेलखंड के विकास के साथ जनजातीय वर्ग, किसान, महिला, युवा, उद्योग और रोजगार को लेकर प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
भाजपा ने केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे सिंचाई, पेयजल, कृषि, बिजली और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस परियोजना का विरोध किया और राजनीतिक प्रस्ताव में कांग्रेस के इस रुख की भर्त्सना की गई।
भाजपा के अनुसार वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश की जीडीपी 18.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और इनमें से 8.73 लाख करोड़ रुपये के निवेश कार्य धरातल पर उतरने का दावा किया गया है।
किसानों के लिए भाजपा ने 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किए जाने और कृषि क्षेत्र के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख किया। पार्टी का दावा है कि किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से 84 लाख किसानों को लगभग एक लाख करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
कांग्रेस का पलटवार—2028 की तैयारी नहीं, 2026 की समस्याओं का जवाब चाहिए
भाजपा के दावों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में 2028 का चुनावी रोडमैप तैयार कर रही है, जबकि प्रदेश की जनता अपने वर्तमान को लेकर परेशान है।
पटवारी ने सवाल उठाया कि प्रदेश पर बढ़ते कर्ज का समाधान क्या है? बेरोजगार युवा रोजगार की मांग कर रहे हैं, किसान फसल की कीमत और बढ़ती लागत से परेशान हैं, महिलाएं सुरक्षा चाहती हैं और आम नागरिक अपराध तथा भ्रष्टाचार को लेकर चिंतित है—फिर भाजपा की कार्यसमिति में इन समस्याओं पर गंभीर आत्ममंथन क्यों नहीं हुआ?
कांग्रेस ने भाजपा से पूछा कि कर्ज से राहत कब मिलेगी, युवाओं को रोजगार कब मिलेगा, किसानों की आय कब बढ़ेगी और महिलाओं को सुरक्षित माहौल कब मिलेगा? पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा की प्राथमिकता सत्ता में बने रहना और अगले चुनाव की तैयारी करना है।
विकास के दावे बनाम जमीनी सवाल—अब जनता की नजर सरकार के जवाब पर
भाजपा ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियों, निवेश और विकास योजनाओं को भविष्य के मध्यप्रदेश की नींव बताया है, वहीं कांग्रेस इन्हीं दावों के बीच सरकार से कर्ज, रोजगार, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और किसान संकट पर जवाब मांग रही है।
ओरछा की कार्यसमिति से भाजपा ने संगठन को बूथ और मंडल स्तर तक मजबूत करने तथा विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प का संदेश दिया है। कांग्रेस ने इसी बैठक को 2028 की चुनावी तैयारी करार देते हुए सवाल खड़ा किया है कि जब विधानसभा चुनाव दो साल दूर हैं, तब तक प्रदेश के सामने खड़ी मौजूदा चुनौतियों का समाधान कौन और कैसे करेगा?
अब राजनीतिक बहस सिर्फ इस बात पर नहीं है कि मध्यप्रदेश का अगला रोडमैप क्या होगा, बल्कि इस पर भी है कि भाजपा के विकास के दावों और कांग्रेस के लगाए सवालों में से जनता जमीनी हकीकत किसे मानती है।
