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रात 12 बजे युवती से मारपीट का आरोप, 112 पहुंची तो संदिग्ध कार को ले गई… फिर छोड़ दिया!

विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में डायल-112 की कार्रवाई पर सवाल, प्रत्यक्षदर्शी बोले—बाद में वही युवक सिटी सेंटर में फिर दिखे

ग्वालियर। शहर में आज शनिवार- रविवार की दरम्यानी रात करीब 12 बजे एक युवती के साथ कथित मारपीट और डायल-112 की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक काले रंग की कार Volkswagen Virtus कार क्रमांक MP 26 BH 0546 D में सवार दो युवकों को एक युवती के साथ नशे की हालत में आपत्तिजनक परिस्थिति में देखा गया। बाद में युवती के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने पहले युवकों को समझाने का प्रयास किया। मामला सिटी सेंटर स्थित हनुमान मंदिर और पुराने सेल टैक्स कार्यालय के पीछे तक पहुंचा, जहां भी युवती के साथ कथित मारपीट किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद डायल-112 को सूचना दी गई।

112 पहुंची… कार ले गई… फिर कार छोड़ने का सवाल

सूचना के बाद क्षेत्र की डायल-112 मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन में मौजूद पुलिसकर्मी सिकरवार ने वहां मौजूद लोगों को कथित तौर पर हट जाने और सुबह थाने आने के लिए कहा।

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पुलिस टीम काले रंग की कार को अपने साथ ले गई, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। कार को किस आधार पर छोड़ा गया, युवकों से क्या पूछताछ हुई और युवती की स्थिति के संबंध में क्या कार्रवाई की गई—इन सवालों का जवाब अभी स्पष्ट नहीं है।

मामले को लेकर एक और गंभीर दावा सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ देर बाद वही दोनों युवक सिटी सेंटर में फिर दिखाई दिए और कथित तौर पर उन्हें धमकाते हुए वहां से निकल गए।

युवती कहां गई? पुलिस ने क्या किया?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि युवती के साथ वास्तव में मारपीट हुई थी तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए? क्या उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया? क्या उसके बयान दर्ज किए गए? क्या काले रंग की कार और उसमें सवार युवकों की पहचान दर्ज की गई?

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्हें युवती के बारे में बाद में कोई जानकारी नहीं मिली। यह भी स्पष्ट नहीं है कि युवती को पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया या वह स्वयं वहां से चली गई।

SP से सीधी मांग_112 की कार्रवाई की जांच हो

घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव से मांग की है कि डायल-112 की पूरी कार्रवाई की जांच कराई जाए और मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से जवाब लिया जाए।

जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि:रात करीब 12 बजे सूचना मिलने के बाद 112 ने मौके पर क्या कार्रवाई की?
काले रंग की कार को पुलिस ने क्यों और कहां ले जाया?
कार को बाद में किसके आदेश पर छोड़ा गया?
युवती का मेडिकल और बयान क्यों/कैसे हुआ? क्या युवकों के खिलाफ कोई कार्रवाई या मामला दर्ज किया गया? और यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसका कारण क्या था?

यह मामला केवल एक कार को छोड़ने का सवाल नहीं है। सवाल यह है कि रात के समय किसी युवती के साथ कथित मारपीट की सूचना मिलने के बाद पुलिस की जिम्मेदारी क्या थी और मौके पर वास्तव में क्या कार्रवाई हुई? पुलिस यही रवैया_ ग्वालियर में बढ़ते अपराधों का जिम्मेदार तो नहीं?

फिलहाल पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।