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ग्वालियर स्टेशन पर अवैध वेंडिंग का खेल जारी, रेलवे की सख्ती भी बेअसर?

ग्वालियर। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन द्वारा वर्षों पुराने कारोबारी ढांचे पर कार्रवाई किए जाने के बावजूद अवैध वेंडिंग का खेल थमता नजर नहीं आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, आरडी शर्मा एंड संस की स्टेशन परिसर में संचालित अधिकांश इकाइयों को बंद किए जाने के बाद भी शेष बची पांच ट्रॉलियां और एक भोजनालय कथित रूप से अवैध वेंडिंग का केंद्र बने हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, रेलवे की अनुमति केवल ट्रॉली अथवा भोजनालय परिसर तक सीमित होने के बावजूद प्रतिदिन 40 से 50 युवक विभिन्न प्लेटफार्मों पर घूम-घूमकर खाद्य सामग्री और अन्य सामान बेचते देखे जा सकते हैं। आरोप है कि इन व्यक्तियों को प्लेटफार्म वेंडिंग की कोई वैध अनुमति प्राप्त नहीं है, फिर भी वे खुलेआम यात्रियों के बीच बिक्री कर रहे हैं।

सूत्रों का दावा है कि स्टेशन पर संचालित पांच ट्रॉलियों और भोजनालय के माध्यम से बड़ी संख्या में वेंडरों को मैदान में उतारा गया है, जिसमें प्रति व्यक्ति ₹400 रोजाना आरडी शर्मा एंड संस के द्वारा लिए जाते हैं। रेलवे नियमों के अनुसार ट्रॉली संचालक केवल निर्धारित स्थान पर खड़े होकर ही बिक्री कर सकते हैं, जबकि भोजनालय संचालक को भी अपने परिसर तक ही सीमित रहना होता है। इसके विपरीत प्लेटफार्मों पर घूम-घूमकर बिक्री किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

ओवरचार्जिंग के भी आरोप

यात्रियों की शिकायत है कि स्टेशन पर संचालित कुछ ट्रॉलियों पर निर्धारित मूल्य सूची को जानबूझकर छिपाया जाता है। आरोप है कि ट्रॉली नंबर और रेट लिस्ट के ऊपर नमकीन, चिप्स और अन्य पैकेट इस प्रकार लटका दिए जाते हैं कि यात्रियों को निर्धारित दरें दिखाई ही न दें। इससे मनमाने दाम वसूलने की आशंका बढ़ जाती है।

रेलवे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल

रेलवे प्रशासन ने पूर्व में आरडी शर्मा एंड संस की लगभग 16 से 18 इकाइयों में से 12 से 13 इकाइयों पर कार्रवाई कर उनका संचालन बंद करा दिया था। इसके बावजूद शेष बची इकाइयों से कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध वेंडिंग जारी रहने से रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की माने तो इस कथित कारोबार के खिलाफ मंडल अधिकारी तो सख्त हैं मगर स्थानीय वाणिज्यक इंस्पेक्टर/अधिकारी इसे बढ़ावा दे रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, प्लेटफार्मों पर सक्रिय बताए जा रहे कुछ व्यक्तियों में डालचंद, राममिलन, राजेश भल्ला, बलराम और सोहेल सहित अन्य नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि रेलवे प्रशासन स्टेशन परिसर में चल रही कथित अवैध वेंडिंग और ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है तथा यात्रियों को नियमसम्मत और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कौन से कदम उठाता है ?