ब्रेकिंग

बाहरी रूप भले ही आधुनिक दिखे लेकिन आत्मा, संस्कृति व विरासत की हो- श्री सिंधिया

केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया संगीत विश्वविद्यालय में ‘विद्यार्थी सह संवाद’ कायर्क्रम में हुए शामिल

विश्वविद्यालय के विकास में हर संभव सहयोग का दिलाया भरोसा

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर भी हुए कार्यक्रम में शामिल

ग्वालियर 21 अक्टूबर 2024। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर की समृद्ध सांगीतिक विरासत को सहेजने का काम कर रहा है। इसलिए संस्थान के विकास में हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि विश्वविद्यालय का बाहरी स्वरूप भले ही अति आधुनिक बने, पर इसकी आत्मा अर्थात भीतरी स्वरूप में हमारी ऐतिहासिक सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत दिखना चाहिए। इस आशय के विचार केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने व्यक्त किए। श्री सिंधिया सोमवार को राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में आयोजित हुए “विद्यार्थी सह संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मौजूद थे। कायर्क्रम की अध्यक्षता माननीय कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने की।
विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनोहारी शास्त्रीय गायन एवं नृत्य से अभीभूत हुए केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधया ने कहा कि हमें भरोसा है कि विश्व के बड़े-बड़े संगीतकार व कलाकार इस विश्वविद्यालय से निकलेंगे। उन्होंने कहा हाल ही में यूनेस्को ने भी ग्वालियर को संगीत की नगरी मान लिया है। इसलिए यह तय है कि आने वाले समय में सर्वश्रेष्ठ संगीतज्ञ यहां की मिट्टी से निकलकर विश्व में नाम करेंगे। श्री सिंधिया ने कहा कि यहाँ की प्रतिभा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनकी ओर से भी हर संभव प्रयास किए जायेंगे।
केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने विश्वविद्यालय प्रबंधन व विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि कि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के विकास के लिए हर संभव मदद दिलाई जायेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलगुरू श्रीमती स्मिता सहस्त्रबुद्धे से कहा कि वे विश्वविद्यालय की अधोसंरचनागत आवश्यकताओं का एक चार्टर बनाकर हमें उपलब्ध कराएँ। केन्द्र व राज्य सरकार के माध्यम से विश्वविद्यालय की सभी मांगें पूरी कराई जायेंगीं।
केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश विश्वभर में शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है। हमारा देश केवल आर्थिक शक्ति के रूप में ही मजबूत नहीं हुआ है बल्कि कला, नृत्य एवं संगीत के क्षेत्र में भी हम उतने ही मजबूत हुए हैं। इसकी झलक आज राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों में भी साफ नजर आ रही है।
जिस तरह आग में तपकर तलवार मजबूत होती है, उसी तरह गायन, नृत्य व ललित कलाओं में पारंगत होने के लिये कड़ी साधना करनी होती है। मंच पर महज चंद मिनटों की प्रस्तुति के लिए कई दिन, कई रात और यहाँ तक कई साल लगातार तपस्या करनी होती है। उन्होंने कहा कि संगीत से संबंधित तकनीक से महज कुछ ही समय पहले हम रूबरू हुए हैं, लेकिन शास्त्रीय संगीत की परंपरा कई हजार साल पुरानी है। गायन, वादन, नृत्य स्वयं में एक भाषा है। इसे समझने के लिए कलाकार के साथ दशर्क को भी इसका अभ्यास करना होगा। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा राजा मानसिंह तोमर ने संगीत व कलाओं को जो आश्रय दिया था, उसे सिंधिया परिवार ने भी पूरी शिद्दत के साथ संरक्षित कर आगे बढ़ाया है।

संगीत विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाने के प्रयास हों :ऊर्जा मंत्री श्री तोमर

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाने के प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा इस विश्वविद्यालय के दायरे में पूरा भारत वर्ष होना चाहिए। श्री तोमर ने कार्यक्रम में मौजूद केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से आग्रह किया कि वे इस संबंध में केन्द्रीय संस्कृति मंत्री से चर्चा करें। इससे विश्वविद्यालय का विकास होगा। साथ ही इसका लाभ पूरे देश को मिल सकेगा।

कुलगुरू श्रीमती सहस्त्रबुद्धे ने ग्वालियर के संगीतिक विकास को रेखांकित किया और मांगे भी रखीं

विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि ग्वालियर की संगीत परंपरा काफी पुरानी है। जिस तरह राजा मानसिंह तोमर ने गायन की ध्रुपद और धमार शैली को विकसित किया। उसी तरह से सिंधिया परिवार का इस संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने में खास योगदान रहा है। महाराज दौलतराव सिंधिया ने विश्व प्रसिद्ध ख्याल गायकी को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे स्वयं लखनऊ गए और वहां से हस्सू हद्दू खां जैसे कलाकारों को ग्वालियर लेकर आए और गायन शैली को सिखाने के लिए ‘अन्न छत्र’ की स्थापना की। जिसमें स्थानीय कलाकारों को निःशुल्क सिखाया जाता था। इसे सीखने के लिए भारत रत्न पं. भीमसेन जोशी जैसे कलाकार भी ग्वालियर आए थे। श्रीमती सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि सिंधिया राजवंश द्वारा इंतजामिया कमेटी का गठन हुआ, जिसके माध्यम तानसेन उर्स के आयोजन की शुरूआत हुई। प्रो. सहस्त्रबुद्धे ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए भी केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया से आग्रह किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में आधुनिक तकनीक से सुसज्ज्ति ऑडिटोरियम, आधुनिक स्टूडियो, छात्र- छात्राओं के रहने के लिए छात्रावास और मुख्य द्वार के सामने आरओबी के नीचे वाले स्थान को विश्वविद्यालय को देने की मांग की।

ललित कला विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी भी देखी

विद्यार्थी सह संवाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित सभी अतिथियों ने विश्वविद्यालय के भूतल पर ललित कला विभाग द्वारा लगाई गई कलाकृतियों की प्रदशर्नी का भी अवलोकन किया। कायर्क्रम के दौरान फाइनआर्ट विभाग के विद्यार्थियों द्वारा उन्हें कलाकृतियां भी भेंट की गईं।

राग भीम पलासी में ख्याल गायन सुन श्री सिंधिया हुए अभीभूत

विश्वविद्यालय के शोध छात्र अखिलेश अहिरवार ने जब राग भीम पलासी में सुमधुर ख्याल गायन की अद्भुत प्रस्तुति दी, तो केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अभीभूत हो गए। उन्होंने श्री अखिलेश से फरमाइश कर इसी राग में एक भजन सुनाने को कहा। अखिलेश अहिरवार ने राग भीमपलासी, तीन ताल में “जानू रे तुम्हरो मन श्यामचंद्र …” की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री सिंधिया की फरमाइश पर उन्होंने राग भीमपलासी में ही “मिल जाना राम प्यारे…” की मधुरम प्रस्तुति देकर वातावरण में मीठे-मीठे सुर बिखेरे।

कथक और भरतनाट्यम के फ्यूजन की अद्भुत प्रस्तुति

कायर्क्रम के दौरान गायन और नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति हुई। गायन में सरस्वती वंदना, मध्यप्रदेश गान और विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति हुई। इसके बाद कथक और भरतनाट्यम नृत्य के फ्यूजन का अद्भुत प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसमें राम स्तुति एवं चरिष्णु को रागमाला और तालमाला में प्रस्तुत कर हिंदुस्तानी और कनार्टक संगीत के साथ शानदार रूप से प्रस्तुत किया गया। इसका समापन वंदेमातरम के साथ किया गया।

केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने शास्त्रीय गायन एवं भरत नाट्यम पर कथक की जुगलबंदी करने वाले सभी कलाकारों से व्यक्तिश: भेंट कर उनकी प्रतिभा को सराहा और सभी को शाबाशी दी।

इनकी भी रही मौजूदगी

राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में आयोजित हुए संवाद कार्यक्रम में श्री मुन्नालाल गोयल, विश्वविद्यालय की विद्या परिषद के सदस्यगण श्री अशोक आनंद, साधारण परिषद के सदस्य श्री चंद्रप्रताप सिकरवार व पूर्व ईसी मेंबर श्री अतुल अधोलिया भी मौजूद रहे। साथ ही विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. राकेश कुशवाह, वित्त नियंत्रक डॉ. आशुतोष खरे तथा डॉ. अंजना झा, डॉ. मनीष करवड़े, डॉ. संजय सिंह, डॉ. पारूल दीक्षित, डॉ. एसके मैथ्यू, डॉ. गौरीप्रिया, डॉ. श्याम रस्तोगी व डॉ. हिमांशु द्विवेदी सहित विश्वविद्यालय के आचार्यगण, संगतकार कमर्चारी व छात्र- छात्राएं मौजूद रहे। संचालन डॉ. पारूल दीक्षित ने किया।

 

HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HONDA4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
HOTEL4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
KUAT4D
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
HEBAT789
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
MERAHTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
GACORTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
MAXWINTOTO
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
ASIA88
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAWAR138
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
MAPAN77
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
SURYA888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING888
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING55
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING77
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
KING777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
PLANET777
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
MAXWIN888
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
INDO88
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
WDTOTO
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
OKBOS
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
JUDOTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
PTTOTO
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
NAGA888
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
RATU88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
DEPO88
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGATOTO
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
SURGA333
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANGTOTO
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
MUSANG88
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
HOT985
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
INA777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777
JT777