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मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष : सेवा-सुशासन के दावे, विकास की रफ्तार और 2047 का संकल्प

उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा ज्योति कलश यात्रा को संबोधित किया, कहा—प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा देने वाली यात्रा

भोपाल/उज्जैन, 7 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित राष्ट्रसेवा की गौरवपूर्ण यात्रा बताया। उज्जैन में सेवा ज्योति कलश यात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यह राजनीतिक यात्रा अब 25 वर्ष के महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली का केंद्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया और प्रधानमंत्री के दीर्घ, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की कामना की।

25 साल की यात्रा में फैसले और योजनाएं बने राजनीतिक पहचान का आधार

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल और सार्वजनिक जीवन को केवल राजनीतिक नेतृत्व की यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लगातार चल रहे अभियान के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने अनुच्छेद 370, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और कोरोना महामारी से निपटने जैसे बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रमों का उल्लेख किया।

इसी क्रम में आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं को गरीब और वंचित वर्ग के जीवन में बदलाव लाने वाली पहल बताया गया। मुख्यमंत्री का तर्क है कि इन योजनाओं और निर्णयों ने शासन की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हालांकि 25 वर्षों की इस यात्रा का मूल्यांकन केवल राजनीतिक उपलब्धियों की सूची से नहीं, बल्कि इनके जमीनी परिणामों, रोजगार, आय, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे पैमानों पर भी किया जाना जरूरी है। यही वह कसौटी है जिस पर ‘विकसित भारत’ के 2047 के लक्ष्य की वास्तविक सफलता तय होगी।

उज्जैन बना विकास और धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के संदर्भ में उज्जैन के बदलते स्वरूप को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए विकास का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन की धार्मिक पर्यटन की पहचान और मजबूत हुई है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2022 तक जहां उज्जैन में लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या करीब 7 करोड़ तक पहुंच गई। प्रदेश में पर्यटकों की कुल संख्या भी 20 करोड़ के पार पहुंचने का दावा किया गया।

ये आंकड़े मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को जरूर रेखांकित करते हैं, लेकिन इनके साथ पर्यटन से पैदा हुए स्थायी रोजगार, स्थानीय व्यापार में वृद्धि, बुनियादी ढांचे पर दबाव और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं की गुणवत्ता का आकलन भी महत्वपूर्ण होगा। बड़ी संख्या में पर्यटकों का आना तभी विकास की ठोस उपलब्धि माना जाएगा, जब उसका सीधा आर्थिक लाभ स्थानीय आबादी तक भी पहुंचे।

2047 का लक्ष्य अब सरकार के साथ समाज की भी परीक्षा

सेवा ज्योतिमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का भारत के 21वीं सदी का नेतृत्व करने का सपना आज साकार होता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भारत को विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सेवा ज्योति यात्रा के दौरान उपस्थित लोगों को 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने की शपथ भी दिलाई गई।

प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष निश्चित रूप से भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। लेकिन अगले 21 वर्षों का ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य इससे भी बड़ी चुनौती है। सरकार की योजनाओं और राजनीतिक संकल्पों को वास्तविक बदलाव में बदलने के लिए आर्थिक अवसर, गुणवत्तापूर्ण रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक जवाबदेही को लगातार मजबूत करना होगा। यही 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अगला पड़ाव भी होगा।