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ग्वालियर में अपराध और अमानवीयता के बढ़ते मामले, सवालों के घेरे में कानून-व्यवस्था

ग्वालियर 31 अगस्त 2026 । शहर और जिले में सामने आ रही आपराधिक और अमानवीय घटनाएं अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। कहीं नाबालिग बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसका शव झाड़ियों में मिलता है, तो कहीं तीन माह की मासूम बच्ची की कब्र खोदकर शव को परिवार के दरवाजे पर फेंकने जैसी घटना सामने आती है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज में घटती संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ड्यूटी से घर नहीं पहुंची 17 वर्षीय अनायना, कैंसर पहाड़ी की झाड़ियों में मिला शव

कम्पू थाना क्षेत्र के नया बाजार में साड़ी की दुकान पर काम करने वाली 17 वर्षीय अनायना खान रविवार को ड्यूटी से घर नहीं पहुंची। परिजनों के मुताबिक रात करीब आठ बजे के बाद उसका मोबाइल बंद आने लगा। इसके बाद परिजनों ने कम्पू थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

कैंसर पहाड़िया पर मिला शवपुलिस ने रात में उसकी तलाश शुरू की। सोमवार सुबह कैंसर पहाड़ी के पास सड़क किनारे झाड़ियों में एक युवती का शव पड़े होने की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची कम्पू थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और परिजनों से शिनाख्त कराई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

परिजनों ने महलगांव निवासी ईशान नामक युवक पर हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि युवक अनायना पर शादी के लिए दबाव बना रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या के कारण या किसी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं की है।

सीएसपी रॉबिन जैन के मुताबिक मामले में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना के वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।

मासूम की कब्र खोदकर शव घर के बाहर फेंकने का आरोप

भितरवार के करहिया थाना क्षेत्र के चैतगांव, मुंशी का पुरा में भी एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया। यहां बीरबल बंजारा की तीन माह की बेटी की रविवार को मौत हो गई थी। परिवार ने भीमवाड़ा नदी किनारे बच्ची को दफना दिया था।

आरोप है कि जमीन को लेकर विवाद के चलते पप्पू गुर्जर, राजेंद्र और रामनिवास ने बच्ची को दफनाने का विरोध किया और कथित तौर पर कब्र खोदकर शव निकालकर बंजारा परिवार के दरवाजे पर फेंक दिया। घटना के बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट की भी सूचना है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, जाम खुलवाया और बच्ची के शव को दूसरी जगह दफन कराया। मामले की जांच जारी है।

घटनाएं अलग-अलग, लेकिन सवाल एक—कहां जा रही सामाजिक संवेदनशीलता?

ग्वालियर में सामने आ रही ऐसी घटनाएं कई स्तरों पर सवाल खड़े करती हैं। नाबालिग की संदिग्ध मौत हो या मृत मासूम के शव के साथ कथित तौर पर की गई अमानवीयता—हर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।

इन घटनाओं का वास्तविक सच पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इतना जरूर है कि अपराध के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता का कमजोर होना भी ग्वालियर के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।