महापौर और एमआईसी ने सांसद भारत सिंह कुशवाह पर साधा निशाना, कहा—अपनी नाकामियां छिपाने के लिए किया जा रहा दुष्प्रचार
ग्वालियर 8 सितंबर 2026। भाजपा द्वारा नगर निगम की मेयर इन काउंसिल के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव और महापौर डॉ. श्रीमती शोभा सतीश सिकरवार ने आरोप लगाया कि भाजपा और सांसद भारत सिंह कुशवाह शहर के विकास के मोर्चे पर विफल रहे हैं और अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए महापौर और एमआईसी सदस्यों के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर के विकास, सड़कों, जलभराव, प्रकाश व्यवस्था, कर्मचारियों और चुंगी क्षतिपूर्ति सहित विभिन्न मुद्दों पर शासन को लगातार पत्र भेजे गए, लेकिन अधिकांश मामलों में आज तक अपेक्षित राशि अथवा स्वीकृति नहीं मिली। उनका आरोप है कि भाजपा पार्षद भी अपने क्षेत्रों में काम नहीं होने से परेशान हैं और स्वीकृत कार्यों के भूमिपूजन को लेकर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है, जिससे कार्यों में देरी होती है।
2022 से 2026 तक पत्र, फिर भी नहीं मिला समाधान
कांग्रेस ने अपने दावे के समर्थन में शासन को भेजे गए कई पत्रों का हवाला दिया। महापौर की ओर से 28 सितंबर 2022 को ग्वालियर की खराब सड़कों की मरम्मत और पेच रिपेयरिंग के लिए विशेष राशि की मांग की गई थी। इसके बाद प्रकाश व्यवस्था, कायाकल्प योजना की राशि, नगर निगम को आर्थिक सहायता, विनियमित कर्मचारियों को नियमित करने, शहर के सर्वांगीण विकास और चुंगी क्षतिपूर्ति सहित कई विषयों पर पत्र भेजे गए।
कांग्रेस के अनुसार 19 जुलाई 2024 को ठेका बाजार वसूली बंद किए जाने से हुई क्षति की भरपाई के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। 15 जनवरी 2025, 13 जून 2025 और 12 मई 2026 को चुंगी क्षतिपूर्ति बढ़ाने के लिए पत्र भेजे गए, लेकिन इस पर भी कोई निर्णय नहीं हुआ। वहीं 12 मई 2026 को पिछले वर्ष हुई अतिवृष्टि के कारण शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और अन्य विकास कार्यों के लिए विशेष अनुदान की मांग की गई थी।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विनियमित कर्मचारियों को नियमित करने और सातवें वेतनमान का लाभ देने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया, लेकिन भाजपा के दबाव में इसे मंजूरी नहीं दी गई।
सांसद बताएं, कौन-सी राशि मेयर ने रोकी?
सांसद भारत सिंह कुशवाह के उस कथित आरोप पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाया कि वे केंद्र से पैसा लाते हैं, लेकिन महापौर और एमआईसी उस राशि से काम नहीं होने देती।कांग्रेस ने सीधे सवाल किया कि सांसद स्पष्ट करें कि वे केंद्र से कौन-सी राशि लेकर आए और उस राशि में से किस काम को महापौर या एमआईसी ने रोका है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में सड़कों और सीवर व्यवस्था को लेकर योजना तैयार की गई थी। लाल, पीली और हरी सड़कों के निर्माण के लिए करीब 3 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की बात कही गई, लेकिन कांग्रेस के अनुसार यह प्रस्ताव अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि जब भाजपा की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के दौरान एडीबी योजना, प्रोजेक्ट उदय और अमृत योजना जैसी योजनाएं आईं, तो इसके बावजूद ग्वालियर आज भी सीवर और पेयजल की समस्या से क्यों जूझ रहा है। स्मार्ट सिटी योजना पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि बुनियादी समस्याओं के समाधान के नाम पर आई योजना के बावजूद धरातल पर अपेक्षित परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ग्वालियर पूर्व विधानसभा का उपचुनाव हारने के बाद भाजपा सरकार ने निगम को स्वीकृत 16 करोड़ रुपये की राशि वापस ले ली, जबकि ग्वालियर और दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिवर्ष 15-15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी जा रही है। महापौर की मौलिक निधि खत्म किए जाने का आरोप भी लगाया गया।
सुरेन्द्र यादव और महापौर शोभा सिकरवार ने कहा कि भाजपा को निंदा प्रस्ताव लाने के बजाय शहर के विकास के लिए सरकार से पैसा लाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि महापौर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ग्वालियर के विकास के लिए काम कर रही हैं और विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप निराधार हैं।
प्रेसवार्ता में मेयर इन काउंसिल सदस्य अवधेश कौरव, श्रीमती गायत्री मंडेलिया, श्रीमती संध्या कुशवाह, श्रीमती उपासना यादव, विनोद यादव ‘माठू’, शकील मंसूरी और नाथूराम ठेकेदार सहित अन्य मौजूद रहे।
