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15 दिन की मोहलत… फिर सीधे कार्रवाई! सफाई व्यवस्था पर निगमायुक्त का सख्त रुख

बैठक के बाद मैदान में उतरे अभिषेक चौधरी, गंदगी मिली तो मौके पर जांची कर्मचारियों की हाजिरी

ग्वालियर। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी अब केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहते। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों को 15 दिन का समय देते हुए साफ चेतावनी दी कि इस अवधि में सफाई व्यवस्था में सुधार दिखाई देना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

निगमायुक्त ने कहा कि हाल के निरीक्षणों में कई स्थानों पर गंदगी मिली है। अब ऐसी स्थिति दोबारा नहीं दिखनी चाहिए। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ सभी टिपर वाहनों को समय पर क्षेत्र में भेजने, पूरे चक्कर लगाने और शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वाहनों को साफ-सुथरा रखने तथा कचरा पूरी तरह भरने के बाद ही ट्रांसफर स्टेशन पहुंचाने को कहा गया।

रात की सफाई पर भी नजर, खुले में कचरा डालने वालों पर जुर्माना

आयुक्त की बैठकनिगमायुक्त ने रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश देते हुए रात में चलने वाले डोर-टू-डोर कचरा वाहनों की निगरानी के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी वाहन कचरा वार्ड या किसी खुले स्थान पर डंप न करे और कचरा निर्धारित ट्रांसफर स्टेशन तक ही पहुंचाया जाए।

उन्होंने एएचओ को वार्डों में नियमित भ्रमण कर सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति जांचने तथा लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ भी सख्ती और जुर्माना वसूली के निर्देश दिए गए।

बैठक के बाद सीधे मैदान में उतरे, गायब मिले कर्मचारी

समीक्षा बैठक के बाद निगमायुक्त ने सिटी सेंटर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और सीवर संधारण का मौके पर निरीक्षण किया। कई स्थानों पर गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और वहीं कर्मचारियों की उपस्थिति जांची। जांच में कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर उन्होंने अनुपस्थित कर्मचारियों के साथ संबंधित जेडएचओ और डब्ल्यूएचओ पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद निगमायुक्त ने शहर की सीवर सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनरी का मौके पर परीक्षण किया। सिटी सेंटर स्थित इनकम टैक्स ऑफिस के पास सीवर लाइन की सफाई का डेमो देखा और सुपर सकर, डिसिल्टिंग मशीन सहित अन्य मशीनों की कार्यक्षमता को स्वयं परखा। उन्होंने मशीनों से सफाई में लगने वाले समय और उनकी उपयोगिता की भी जानकारी ली।

मुख्य सीवर लाइन की सफाई अब ठेकेदार की जिम्मेदारी

सीवर निरीक्षणसीवर संधारण व्यवस्था की समीक्षा के बाद बाल भवन में अधिकारियों और ठेकेदार जयंती सुपर के साथ बैठक की गई। निगमायुक्त ने कॉलोनियों की सीवर लाइनों की सफाई कराने के निर्देश दिए। वहीं ठेकेदार को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से मुख्य सीवर लाइनों की सफाई शुरू कर अपस्ट्रीम की ओर बढ़ने के निर्देश दिए गए। निगमायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि शहर की छवि सफाई व्यवस्था से बनती है। यदि कर्मचारी ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करेंगे तो ग्वालियर को साफ-सुथरे शहर के रूप में पहचान मिलेगी।

अब निगाह अगले 15 दिनों पर है। निगमायुक्त की चेतावनी के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सफाई व्यवस्था वास्तव में मैदान पर कितनी बदलती है और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई कितनी तेजी से होती है।