प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मुरार में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर व्याख्यान
ग्वालियर 26 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय श्यामलाल पांडवीय महाविद्यालय, मुरार में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. नितेश शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. वंदना चतुर्वेदी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. बी.के. भारद्वाज और डॉ. अमरेंद्र सेंगर उपस्थित रहे।
ज्ञान-विज्ञान में भारत की ऐतिहासिक भूमिका
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. नितेश शर्मा ने कहा कि विश्व के ज्ञान और विज्ञान के विकास में भारत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने आर्यभट्ट, भास्कराचार्य, दशमलव प्रणाली और प्राचीन भारतीय शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने गणित, खगोल विज्ञान, शिक्षा और चिकित्सा सहित अनेक क्षेत्रों में विश्व का मार्गदर्शन किया है।
उन्होंने कहा कि तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने भारत आते थे। भारत की यह ज्ञान परंपरा आज भी विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देती है।
एआई और तकनीक में बढ़ता भारत
डॉ. शर्मा ने कहा कि आज भारतीय इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। सॉफ्टवेयर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा, ज्ञान और तकनीकी क्षमता का उपयोग देश के विकास में करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को शक्तिशाली, समर्थ, संपन्न और विकसित राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी आज के युवाओं की है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा शक्ति के सामर्थ्य और नवाचार के बल पर भारत आने वाले समय में विश्व में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन कंप्यूटर साइंस के प्राध्यापक पंकज कुमार ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
