शिक्षा रोजगार उन्मुखी होना चाहिएः जीतू पटवारी
गुरूजन भगवान से भी ज्यादा महानः डाॅ. सिकरवार
ग्वालियर 6 सितंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिक्षा की सुरक्षा पर चिंता जताते हुये कहा कि शिक्षा रोजगार उन्मुखी होना चाहिए। आज शिक्षा नीति को लेकर देश में बहस छिड़ी हुई है कि शिक्षा नीति रोजगार परक होने के साथ संस्कार, संस्कृति से जुडी होना चाहिए। लेकिन कुछ लोग शिक्षा पद्धति में बदलाव कर उसे अपने अनुसार चलाना चाहते है, जो छात्र-छात्राओं के लिये ठीक नहीं है।
श्री पटवारी ने आज जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में जन उत्थान न्यास द्वारा 4 हजार से अधिक शिक्षकों के सम्मान समारोह में यह बात कही। इस मौके पर महापौर डाॅ. शोभा सिकरवार, कोटा उत्तर से पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन मेयर इन काउसिंल के प्रभारी सदस्य अवधेश कौरव ने किया और विधायक डाॅ. सिकरवार ने अतिथियों का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किये। साथ ही शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मान में स्मृति चिन्ह, शाॅल-श्रीफल एवं माला भेंट की गई तथा सभी शिक्षकों ने सहभोज का आनंद लिया।
कार्यक्रम के सूत्रधार एवं जन उत्थान न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने स्वागत भाषण देते हुये कहा कि शिक्षक हमारे देश के भविष्य हैं, यही हमारे आने वाली पीढी को शिक्षित और संस्कारित करते है। उन्होंने कहा कि बचपन से लेकर आगे बढ़ने का रास्ता दिखाने तक का काम हमारे गुरूजन करते हैं। इसलिए गुरुजनों को भगवान से भी ज्यादा महान माना गया है।
‘‘गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पायें बलिहारी गुरु आपनो गोविंद दियो बताय’’। ऐसे गुरु जो गोविंद के पास जाने का रास्ता बताते हैं, उन गुरुओं का मैं आज इस अवसर पर सम्मानित करते हुए अपने आप को गौराविंत महसूस कर रहा हूॅ। उन्होंने बताया कि हमार लक्ष्य 3100 शिक्षक/शिक्षिकाओं को सम्मानित करने का था, लेकिन संख्या बढकर 4000 से अधिक हो गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश की स्थिति आज यह है कि 37 हजार करोड रुपए का शिक्षा का बजट है। 37000 करोड रुपए का शिक्षा का बजट से सरकारी स्कूलों में 67000 बच्चे पढ़ते हैं। इस अनुसार प्रति बच्चें पर 65 से 70000 रुपए खर्च होता है। क्या सरकारी स्कूलों में एक बच्चे पर 70000 रुपए खर्च करते हुए दिखते हैं, इसका मतलब शिक्षा बजट करप्शन की भेट चढ रहा है। श्री पटवारी ने पेपर लीक का मामला उठाते हुये कहा कि परीक्षा हो या शिक्षा इसकी सुरक्षा की गारंटी सरकार को लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड किया गया, नीट का पेपर लीक हुआ। इस मामले में सरकार लीपा-पोती करती हुई नजर आई। उन्होंने कहा कि हम चाहते है कि शिक्षा-नीति में सुधार हो, इसे किसी राजनैतिक चश्में से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुशी इस बात कि है कि डाॅ. सतीश सिकरवार द्वारा इतनी बडी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान किया जा रहा है। निश्चित रूप से यह सरहानीय है। शिक्षक इस सम्मान के पात्र है।
इससे पहले कार्यक्रम के अतिथियों ने माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया तथा वैष्णवी वाजपेई एवं वाणी पाठक ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विधायक हेमंत कटारे, विधायक साहब सिंह गुर्जर, विधायक महेश परमार, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ. देवेन्द्र शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष प्रभुदयाल जौहरे, पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार ‘नीटू’ आदि मंचासीन रहे।
