नियमों के उल्लंघन पर आबकारी विभाग को फटकार, दुकान तत्काल बंद करने के निर्देश
भोपाल, 08 फरवरी 2025। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने भोपाल के 10 नंबर मार्केट, अरेरा कॉलोनी स्थित आर्य समाज मंदिर के समीप संचालित शराब की दुकान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय रहवासियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी शिकायतें सुनीं।
निरीक्षण के दौरान कानूनगो ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग द्वारा प्रस्तुत उस लिखित जवाब पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें यह कहा गया था कि आर्य समाज मंदिर रजिस्टर्ड नहीं है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा—“आज मैं स्वयं यहाँ देखने आया हूँ कि वे कौन लोग हैं जो भगवान के होने का प्रमाण मांग रहे हैं। आस्था और धार्मिक स्थलों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
इंचीटेप से नापी दूरी, नियमों की खुली धज्जियां
इसके पश्चात प्रियांक कानूनगो ने स्वयं इंचीटेप से शराब दुकान और मंदिर के बीच की दूरी की माप की। माप में यह स्पष्ट हुआ कि मंदिर से शराब दुकान की दूरी 50 मीटर से भी कम है, जो कि आबकारी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इस गंभीर अनियमितता पर उन्होंने आबकारी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए नियम विरुद्ध संचालित शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।
आवासीय क्षेत्र में अवैध संचालन, निगम का नोटिस भी बेअसर
स्थानीय रहवासी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि यह शराब की दुकान पूरी तरह आवासीय परिसर में, आवासीय अनुमति प्राप्त भूखंड पर अवैध रूप से संचालित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि रहवासियों की शिकायत पर नगर निगम भोपाल द्वारा 19 नवंबर 2025 को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर व्यावसायिक गतिविधि बंद करने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद दुकान बेखौफ संचालित होती रही।
इतना ही नहीं, निरीक्षण के दौरान तिरपाल से ढंक कर अवैध अहाता संचालित होना भी पाया गया, जो कि कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले में प्रशासनिक उदासीनता एवं मिलीभगत की आशंका जताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस पर प्रियांक कानूनगो ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“धार्मिक स्थलों की गरिमा, नागरिकों की सुरक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

निरीक्षण के बाद स्थानीय रहवासियों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि अब इस अवैध शराब दुकान पर शीघ्र निर्णायक कार्रवाई होगी।
