ब्रेकिंग

भारतीय भाषा राष्ट्र निर्माण का आधार, मातृभाषा से ही विकसित होगा भारत: राजकुमार वाजपेई

मुरैना। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, मध्य भारत प्रांत के ग्वालियर विभाग, मुरैना  तथा सरोजिनी विद्या निकेतन विद्यालय, मुरैना के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय भाषा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके बाद शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के पदाधिकारियों का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के ग्वालियर विभाग संयोजक राजकुमार वाजपेई ने कहा कि “मातृभाषा ही विस्तृत राष्ट्र का निर्माण करती है।” उन्होंने विद्यार्थियों को न्यास की विकास यात्रा, उसके 10 विषय, तीन आयाम, तीन कार्य विभाग तथा दो महाअभियान—भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा से आत्मनिर्भर भारत—की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। इसके लिए शिक्षा को भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और मातृभाषा से जोड़ना आवश्यक है।

मुख्य अतिथि डॉ. धीरेंद्र सिंह भदौरिया, प्रांत संयोजक (मध्य भारत प्रांत) ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत-केंद्रित है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों का बाह्य एवं आंतरिक दोनों स्तरों पर सर्वांगीण विकास करना है।

इस अवसर पर डॉ. बी.पी.एस. जादौन (पूर्व प्राचार्य एवं उच्च शिक्षा विषय संयोजक, मध्य भारत प्रांत), अधिवक्ता राजकमल सिंह जादौन (विभाग विषय संयोजक, भारतीय भाषा अभियान), विद्यालय संचालक मनिंद्र कौशिक, प्राचार्य श्रीमती क्षमा कौशिक तथा डॉ. श्रीमती रेखा श्रीवास्तव (महिला जिला प्रमुख, ग्वालियर) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता राजकमल सिंह जादौन ने राष्ट्रभक्ति गीत “स्वयं अब जगकर हमको जगाना, देश है अपना…” प्रस्तुत कर उपस्थित विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति का उत्साह जगाया। समापन अवसर पर विद्यालय संचालक मनिंद्र कौशिक द्वारा लिखित पुस्तक “अल्पविराम” का शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के पदाधिकारियों द्वारा विमोचन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती क्षमा कौशिक ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मनिंद्र कौशिक ने किया। कार्यक्रम में लगभग 80 छात्र-छात्राओं सहित पूजा तोमर, विकास शर्मा, दिनेश शर्मा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।