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आकृति-8 वेंचर्स के राजीव सोनी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, 7-8 करोड़ की भू-राजस्व राशि बकाया

एसडीएम कोलार ने जारी किया वारंट; 32 आरआरसी सेट करने के बाद भी बाकी राशि के भुगतान के लिए मांगा था 6-8 माह का समय, आवेदन निरस्त

भोपाल। आकृति-8 वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े राजीव सोनी के खिलाफ भोपाल की तहसील कोलार के अनुविभागीय अधिकारी ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामला भू-राजस्व की बकाया राशि से जुड़ा है, जिसकी रकम दस्तावेज में लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये बताई गई है। वारंट मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 147 की उपधारा (3) के तहत जारी किया गया है।

बकाया राशि जमा नहीं हुई तो गिरफ्तारी और सिविल जेल की कार्रवाई

21 सितंबर 2026 को जारी वारंट में थाना प्रभारी कमलाएसडीएम द्वारा जारी वारंट नगर को निर्देशित किया गया है कि राजीव सोनी को गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। दस्तावेज में कहा गया है कि यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उन्हें गिरफ्तार कर सुसंगत कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष लाया जाए।

एसडीएम कोलार के आदेश के मुताबिक, राजीव सोनी को पूर्व में सूचना क्रमांक 2889/रिड/अविअ/2026 दिनांक 02 अप्रैल 2026 के माध्यम से मांग की सूचना दी गई थी। इसके बावजूद भू-राजस्व की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। आदेश में बकाया राशि करीब 7-8 करोड़ रुपये बताई गई है।

32 आरआरसी सेट, बाकी के लिए मांगा 6-8 माह का समय

दस्तावेज के मुताबिक राजीव सोनी की ओर से अधिकृत हस्ताक्षरी हेमंत सोनी और अधिवक्ता विपिन सक्सेना के माध्यम से निर्धारित तारीख को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। जवाब में बताया गया कि 32 आरआरसी सेट कर दी गई हैं और शेष के लिए 6 से 8 महीने का समय मांगा गया। हालांकि, दस्तावेज के अनुसार यह आवेदन अस्वीकार कर दिया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि अनावेदक द्वारा बकाया राशि का भुगतान करने में चूक जारी रखी गई है।

इसके बाद एसडीएम कोलार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि राजीव सोनी बकाया राशि का भुगतान कर सिविल कारागार भेजे जाने से बचना चाहते हैं, तो उन्हें तत्काल राशि जमा कर आवश्यक कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

21 सितंबर 2026 को जारी यह गिरफ्तारी वारंट अब आकृति-8 वेंचर्स से जुड़े विवाद को एक नए और गंभीर मोड़ पर ले आया है। खास बात यह है कि यह कार्रवाई किसी सामान्य शिकायत के आधार पर नहीं बल्कि भू-राजस्व की करोड़ों रुपये की कथित बकाया राशि की वसूली की न्यायिक/राजस्व प्रक्रिया के तहत सामने आई है।

युग क्रांति की पड़ताल का बड़ा सवाल: आखिर आकृति-8 वेंचर्स से जुड़ी इतनी बड़ी बकाया राशि क्यों बनी, 32 आरआरसी सेट होने के बावजूद शेष राशि का भुगतान क्यों नहीं हुआ और अब गिरफ्तारी वारंट जारी होने की स्थिति क्यों आई? इन सवालों के जवाब संबंधित कंपनी और जिम्मेदार पक्षों से अपेक्षित हैं।