रिफाइनरियों के लिए पहली बार तय हुआ उत्पादन लक्ष्य, रोजाना 63,810 टन LPG उत्पादन का लक्ष्य
नई दिल्ली 16 अगस्त 2026। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और समुद्री रास्तों से LPG आपूर्ति पर पैदा हुए संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश में घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पहली बार सरकारी और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियों के लिए LPG उत्पादन के अधिकतम दैनिक लक्ष्य तय किए हैं। सरकार का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करने के साथ देश में LPG का पर्याप्त बफर तैयार करना है।
सरकारी आदेश के अनुसार देश की रिफाइनरियों को प्रतिदिन अधिकतम 63,810 मीट्रिक टन LPG उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान के साथ युद्ध और होर्मुज क्षेत्र में पैदा हुए व्यवधानों ने भारत की LPG आयात व्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। भारत अपनी LPG जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है और पश्चिम एशिया लंबे समय से इसका प्रमुख स्रोत रहा है।
घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता, भंडारण और परिवहन पर भी जोर
सरकार ने रिफाइनरियों को केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि LPG के भंडारण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। उत्पादन लक्ष्य की समय-समय पर समीक्षा किए जाने की व्यवस्था भी रखी गई है। इस फैसले का सीधा संबंध आम उपभोक्ता की रसोई से है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति में व्यवधान बढ़ने की स्थिति में भारत के सामने घरेलू LPG उपलब्धता बनाए रखना बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे में सरकार का नया फार्मूला घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर दबाव कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
यानी पश्चिम एशिया के युद्ध की मार केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीमित नहीं है। अब भारत सरकार को अपनी रसोई गैस की आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए देश के भीतर उत्पादन क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल करना पड़ रहा है। यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण संदेश है।
