प्रभावित गांवों में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, न्यायिक जांच और दोषियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग
सागर, 7 सितंबर 2026। सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने छापरी, बम्हूरा, चौका, हिनौती, दलपतपुर, धुरमार, गूगरा और नौराज सहित कई गांवों में पहुंचकर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पटवारी ने कहा कि यह महज कुछ मौतों का मामला नहीं, बल्कि दर्जनों परिवारों के उजड़ने की त्रासदी है। उन्होंने दावा किया कि 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सरकार का पूरा तंत्र मौतों के वास्तविक आंकड़े सामने लाने के बजाय उन्हें छिपाने में लगा है। उन्होंने कहा कि यदि गांव-गांव तक अवैध और जहरीली शराब पहुंच रही थी तो प्रशासन और आबकारी विभाग क्या कर रहा था और इतना बड़ा नेटवर्क इतने लंबे समय तक कैसे चलता रहा?
जहर बेचने वालों को संरक्षण कौन दे रहा है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर पर अवैध और जहरीली शराब का कारोबार केवल स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, किन लोगों के माध्यम से गांवों तक पहुंची, इसे किसने बेचा और इस पूरे नेटवर्क को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण देने वाले कौन लोग हैं।
पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आबकारी विभाग को घेरते हुए कहा कि सरकार को इन मौतों की जिम्मेदारी तय करनी होगी। यदि प्रशासन को अवैध शराब की जानकारी नहीं थी तो यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है और यदि जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो मामला और भी गंभीर है।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बेटे, पति या कमाने वाले सदस्य को खोया है, उनके लिए यह केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि पूरी जिंदगी उजड़ जाने की घटना है। पटवारी ने यह भी कहा कि प्रभावित परिवार अलग-अलग सामाजिक वर्गों और समुदायों से हैं और सरकार को उनके सामने जवाब देना होगा।
न्यायिक जांच, हत्या का केस और आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से शराबबंदी और अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठाती रही है। उनका कहना था कि यदि प्रदेश में शराबबंदी लागू होती तो जहरीली शराब के इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने की संभावना मजबूत होती।
उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की। साथ ही जहरीली शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा पूरे नेटवर्क की जांच कर उसके राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षणकर्ताओं को सामने लाने की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, मृतकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी रखी। उन्होंने आबकारी मंत्री के तत्काल इस्तीफे अथवा उन्हें पद से हटाने की मांग की।
पटवारी ने कहा, “सरकार आंकड़े छिपाकर मौतों की सच्चाई नहीं छिपा सकती। हर मौत के पीछे एक परिवार उजड़ा है और हर परिवार सरकार से जवाब मांग रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जहरीली शराब के अवैध कारोबार को संरक्षण देने वालों को बचाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी।
