दिल्ली 20 जलाई 2026। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ का सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में निधन हो गया। उनका शव पुलिस मुख्यालय के कार्यालय परिसर में मिला। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे और प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई है। मामले की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बता दें कि अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे और त्रिपुरा कैडर से संबंधित थे। उन्होंने मई 2025 में त्रिपुरा के डीजीपी का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे डीजीपी (इंटेलिजेंस) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) के पद पर भी कार्यरत रहे। मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले अनुराग धनखड़ ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
इस तरह रहा उनका कार्यकाल
1994 बैच के IPS अधिकारी (त्रिपुरा कैडर)
करीब 16 वर्ष तक त्रिपुरा में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई में एसपी, डीआईजी, संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक रहे।
नीरव मोदी–पीएनबी घोटाले की जांच से जुड़ी सीबीआई टीम का नेतृत्व किया।
1984 सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) के अध्यक्ष रहे।
संयुक्त राष्ट्र (UN) के कोसोवो मिशन में भी सेवाएं दीं।
उन्हें पुलिस पदक (Meritorious Service) और राष्ट्रपति पुलिस पदक (Distinguished Service) से सम्मानित किया गया था।
मौत की जांच जारी
पुलिस ने अभी तक मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। * (साभार थर्ड आई)
