राज्य शासन ने जारी किए आदेश, दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार को वरिष्ठ अभियंताओं के दायित्वों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए विभागीय व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के अनुसार वर्तमान में लोक निर्माण विभाग, भोपाल में प्रभारी प्रमुख अभियंता का दायित्व संभाल रहे केपीएस राणा को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MP Road Development Corporation) में प्रभारी प्रमुख अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया है।
वहीं आर.एल. वर्मा, जो वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के जबलपुर परिक्षेत्र में प्रभारी मुख्य अभियंता के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें आगामी आदेश तक लोक निर्माण विभाग, भोपाल के प्रभारी प्रमुख अभियंता का दायित्व सौंपा गया है।
सड़क विकास निगम को मिला अनुभवी नियमित अधिकारी
शासन के इस निर्णय को सड़क विकास निगम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निगम में अब तक प्रमुख अभियंता का अतिरिक्त प्रभार तकनीकी सलाहकार (संविदा नियुक्ति) के रूप में आर.के. मेहरा के पास था। ऐसे में लोक निर्माण विभाग के नियमित और अनुभवी अधिकारी केपीएस राणा की नियुक्ति को निगम के लिए संस्थागत मजबूती की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
केपीएस राणा लंबे समय से विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और सड़क निर्माण, परियोजना प्रबंधन तथा तकनीकी प्रशासन का व्यापक अनुभव रखते हैं। विभागीय हलकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में सड़क विकास निगम की परियोजनाओं के क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण और निर्णय प्रक्रिया को नई गति मिल सकती है।
लोक निर्माण विभाग की कमान अब आर.एल. वर्मा के हाथों
दूसरी ओर केपीएस राणा के स्थानांतरण से रिक्त हुए लोक निर्माण विभाग के शीर्ष तकनीकी पद की जिम्मेदारी आर.एल. वर्मा को सौंपी गई है। जबलपुर परिक्षेत्र में मुख्य अभियंता के रूप में कार्य करते हुए वर्मा ने विभागीय कार्यों के संचालन का लंबा अनुभव अर्जित किया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रमुख अभियंता का पद लोक निर्माण विभाग की तकनीकी नीतियों, परियोजनाओं की निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण तथा प्रशासनिक समन्वय की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में वर्मा की नियुक्ति विभागीय निरंतरता बनाए रखने का प्रयास मानी जा रही है।
इस फेरबदल को आगामी अधोसंरचना परियोजनाओं, सड़क निर्माण कार्यों और विभागीय प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में विभाग और निगम के कार्यों में नई गति और बेहतर समन्वय देखने को मिल सकता है।
