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राजधानी भोपाल में शराब माफियाओं के आगे नतमस्तक हुआ प्रशासन

राजस्व के लालच में हिंदुओं की अस्था पर हमला कर रही प्रदेश सरकार

ग़ैर क़ानूनी शराब दुकान पर कार्यवाही करने की जगह मंदिर को ही अवैध बताना निरंकुश अफसरशाही का नतीजा है – विवेक त्रिपाठी

भोपाल 15 अप्रैल 2026। राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष पुनः याचिका दाखिल करते हुए आबकारी विभाग द्वारा किए जा रहे अत्याचार पर रोक लगाने की मांग की है।

अरेरा कॉलोनी के आर्यसमाज मंदिर के सामने स्थित आवासीय भूखंड में खुलेआम चल रही अवैध शराब दुकान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भोपाल का प्रशासन पूरी तरह से विफल, निष्क्रिय और शराब व्यापारियों के दबाव में काम कर रहा है। यह केवल एक अवैध दुकान का मामला नहीं, बल्कि कानून और रहवासियों के अधिकारों की खुलेआम हत्या है।

माननीय न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद कलेक्टर भोपाल और आबकारी विभाग का रवैया न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह दर्शाता है कि प्रशासन जानबूझकर अवैध गतिविधियों को संरक्षण दे रहे हैं। न्यायलाय और आयोग के निर्देशों को ठेंगा दिखाना सीधा-सीधा लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है।

सबसे शर्मनाक तथ्य यह है कि-

•धार्मिक स्थल (आर्य समाज मंदिर) से महज 50 मीटर की दूरी पर शराब दुकान संचालित की जा रही है, जबकि नियम 100 मीटर की दूरी तय करते हैं।

•हॉस्पिटल की दीवार से लगी शराब दुकान वहाँ आने वाले मरीजों को मानसिक प्रताड़ित करने जैसा है।

•आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक गतिविधि चलाकर भू अधिनियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।जिसको लेकर माननीय न्यायालय ने जिला प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है।

•ठेका अवधि समाप्त होने के बाद भी दुकान का संचालन जारी है, जो प्रशासन की मनमानी का स्पष्ट प्रमाण है।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि “भोपाल का प्रशासन अब कानून से नहीं, बल्कि शराब माफियाओं के इशारों पर चल रहा है। कलेक्टर और आबकारी विभाग की चुप्पी उनकी संलिप्तता को उजागर करती है। क्या राजस्व के लालच में आम जनता की सुरक्षा और माँग की कोई कीमत नहीं रह गई है?” त्रिपाठी ने आगे कहा कि यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और इससे महिलाओं, बच्चों और पूरी अरेरा कॉलोनी के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन अपनी आंखें मूंदे बैठा है।

रहवासियों ने कहा यदि तत्काल प्रभाव से इस अवैध शराब दुकान को बंद नहीं किया गया, तो हम सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे । जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का घेराव किया जाएगा और इस पूरे मामले को ले कर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा और इस अवैध दुकान पर तालाबंदी की जाएगी।

रहवासियों की मुख्य मांगें है 
1. अविलंब शराब दुकान को बंद कर अरेरा कॉलोनी से स्थानांतरित किया जाए।
2. नियमों की अनदेखी करने वाले जिला प्रशासन के दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन एवं दंडात्मक कार्रवाई हो।
3. माननीय न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए।

कांग्रेस पार्टी यह स्पष्ट करती है कि वह आम नागरिकों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और इस अन्निमिताओ के ख़िलाफ़ हर स्तर पर संघर्ष करेगी।