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रीवा के कमिश्नर का अनूठा नवाचार: हर विद्यार्थी को मिलेगा करियर मार्गदर्शन, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की नई पहल

“लक्ष्य तय करें, डर नहीं आत्मविश्वास पालें”—कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह का विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रेरक संदेश

भोपाल। रीवा संभाग में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को समय रहते सही करियर दिशा देने के उद्देश्य से संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने एक अभिनव पहल शुरू की है। इस नवाचार के तहत संभाग के शिक्षकों को देश के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके। यह पहल सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

शासकीय मार्तण्ड क्रमांक-1 उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि हम सब भारतीय हैं और देश की प्रगति में योगदान देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। हर विद्यार्थी को अपने जीवन का लक्ष्य समय रहते तय कर उसे प्राप्त करने के लिए स्पष्ट रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा आधार आत्मविश्वास है, इसलिए मन से डर निकालकर आत्मविश्वास को व्यक्तित्व का हिस्सा बनाइए।

उन्होंने कहा कि कोई भी परीक्षा कठिन नहीं होती, कठिन केवल कमजोर तैयारी होती है। प्रश्नपत्र निर्धारित पाठ्यक्रम से ही आता है। यदि तैयारी मजबूत हो तो सफलता निश्चित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे कक्षा 8वीं या 9वीं से ही अपने करियर का लक्ष्य तय करें और डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी या अन्य किसी भी क्षेत्र में जाने के लिए समय रहते तैयारी प्रारंभ करें।

शिक्षकों को भी दी नई जिम्मेदारी

कमिश्नर ने शिक्षकों से आह्वान किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को उनके जीवन के लक्ष्यों की याद दिलाई जाए। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कक्षाएं संचालित कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्राचार्यों को भी सप्ताह में नियमित रूप से विद्यार्थियों को पढ़ाना चाहिए। वेतन केवल प्रशासनिक दायित्व निभाने के लिए नहीं, बल्कि नई पीढ़ी का भविष्य संवारने के लिए मिलता है। शिक्षकों का यही योगदान राष्ट्रसेवा का सबसे बड़ा माध्यम है।

हर विद्यार्थी में है असीम क्षमता

अपने प्रेरक संबोधन में कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने कहा कि ईश्वर ने प्रत्येक व्यक्ति को अद्वितीय बनाया है। किसी भी दो व्यक्तियों के उंगलियों के निशान समान नहीं होते। इसी प्रकार प्रत्येक विद्यार्थी में अलग प्रतिभा और क्षमता होती है। यदि उस क्षमता का सही उपयोग किया जाए तो वह ऐसा कार्य कर सकता है, जिसे आने वाली कई पीढ़ियां भी याद रखें।

रीवा संभाग की शिक्षा व्यवस्था के लिए मिसाल बन सकता है यह मॉडल

रीवा संभाग में शिक्षकों को विशेषज्ञों से ऑनलाइन प्रशिक्षित कर प्रत्येक विद्यालय में करियर काउंसलिंग की व्यवस्था करना सरकारी शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण नवाचार माना जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल होता है तो भविष्य में इसे प्रदेश के अन्य संभागों में भी लागू किया जा सकता है। समय रहते सही मार्गदर्शन मिलने से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

यह पहल केवल परीक्षा परिणाम सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास, करियर योजना और जीवन कौशल विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।