व्हाट्सएप स्टेटस बना सस्पेंशन की वजह एमपीडब्ल्यू तत्काल प्रभाव से निलंबित
नर्मदापुरम। स्वास्थ्य विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक व्हाट्सएप स्टेटस ने सीधे निलंबन तक की नौबत ला दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरसिंह गहलोत ने उप स्वास्थ्य केंद्र मेहरा गांव में पदस्थ एमपीडब्ल्यू सुनील कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि कर्मचारी ने देवताओं के चित्र को एडिट कर उसमें स्वयं की फोटो लगाकर व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड किया था।
मामला सामने आते ही विभाग में नाराजगी फैल गई। इसे शासकीय सेवक के आचरण के विपरीत मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कार्रवाई की गई। आदेश जारी होते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
सीएमएचओ कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में सुनील कुमार साहू का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनखेड़ी नियत किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वहन भत्ता दिया जाएगा।
लेकिन इस कार्रवाई ने कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
क्या सोशल मीडिया पर सरकारी कर्मचारियों की गतिविधियों पर अब और सख्ती बढ़ेगी?
क्या धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में विभाग अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है?
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग में इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ गई है।
एक मोबाइल स्टेटस ने नौकरी पर ऐसा असर डाला कि पूरे विभाग में अब सिर्फ इसी मामले की चर्चा हो रही है।
