NSUI की शिकायत पर मल्टीकेयर अस्पताल को लेकर अवर सचिव ने स्वास्थ्य आयुक्त को दिए कार्यवाही करने के निर्देश
भोपाल 7 मई 2026। राजधानी में निरंतर फर्जी अस्पताल खुलते जा रहे हैं और वो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं मगर विभाग और जिला प्रशासन कार्यवाही करने की बजाए संरक्षण देने का काम कर रहा हैं लेकिन अब लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अवर सचिव ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त को कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिए हैं
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अवर सचिव द्वारा जारी पत्र में स्वास्थ्य आयुक्त को निर्देशित किया गया है कि मल्टीकेयर हॉस्पिटल भोपाल की मान्यता निरस्त करने, अस्पताल संचालक के विरुद्ध FIR दर्ज करने तथा संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
कार्यवाही के निर्देश NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने भोपाल स्थित मल्टीकेयर हॉस्पिटल के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं के मामले में संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार द्वारा की गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि CMHO कार्यालय के जिला क्षय अधिकारी डॉ मनोज वर्मा और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ भारती चौकसे की मिलीभगत से फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर अस्पताल को संचालन की अनुमति दी गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि अस्पताल में फर्जी डॉक्टरों एवं स्टाफ को कागजों में दर्शाकर अस्पताल का संचालन किया जा रहा है, जबकि वास्तविक व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
शिकायत के अनुसार अस्पताल प्रबंधन मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है तथा शासन की आयुष्मान योजना में भी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है। NSUI ने आरोप लगाया कि अस्पताल द्वारा नियमों की अनदेखी कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संचालन किया जा रहा था, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। NSUI जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कई निजी अस्पतालों में भारी अनियमितताएं चल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय संरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि NSUI लगातार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी तथा दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अस्पताल संचालक, फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारियों तथा भ्रष्टाचार में शामिल सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अस्पताल द्वारा मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ न किया जा सके।
