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भारतीय रेल: तेज़ रफ्तार, मजबूत संरक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी

डीआरएम अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में 2025 में झाँसी रेल मंडल ने रचे विकास के नए कीर्तिमान

झाँसी 31 दिसंबर 2025। वर्ष 2025 झाँसी रेल मंडल के इतिहास में रिकॉर्ड उपलब्धियों का वर्ष बनकर दर्ज हुआ है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के सशक्त, अनुशासित और परिणामोन्मुख नेतृत्व में झाँसी रेल मंडल ने न सिर्फ रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया, बल्कि यात्री सुविधाओं, संरक्षा, समयपालनता और राजस्व अर्जन के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रदर्शन किया।

महाकुंभ 2025 के दौरान झाँसी मंडल ने अपनी परिचालन क्षमता का असाधारण परिचय देते हुए 216 अनारक्षित मेला स्पेशल और 145 ऑन-डिमांड ट्रेनों का संचालन किया। वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी, ग्वालियर, बांदा, खजुराहो, चित्रकूट धाम कर्वी, ओरछा और ललितपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से संचालित इन ट्रेनों के साथ 31 रिंग रेल सेवाएँ भी चलाई गईं। यात्रियों की सुविधा हेतु होल्डिंग एरिया, अतिरिक्त टिकट काउंटर और एटीवीएम मशीनों की व्यापक व्यवस्था की गई।
वर्ष 2025 में रेल नेटवर्क विस्तार और क्षमता संवर्धन झाँसी मंडल की प्राथमिकता रहा। इस दौरान 62.31 किलोमीटर ट्रैक का दोहरीकरण, 28 किलोमीटर आमान परिवर्तन, तथा तीसरी लाइन का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया। तीसरी लाइन के निर्माण से ट्रेनों की अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 130 किमी प्रति घंटा हो गई है, जिससे माल एवं यात्री परिवहन दोनों को बड़ा लाभ मिला।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चयनित 16 में से 13 स्टेशनों का कायाकल्प पूरा किया गया। पुखरायां, ओरछा, उरई, छतरपुर, हरपालपुर और चित्रकूट धाम कर्वी जैसे स्टेशनों को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। ओरछा और पुखरायां स्टेशनों का लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना झाँसी मंडल की उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान देता है।
संरक्षा के क्षेत्र में मंडल ने शून्य लापरवाही की नीति अपनाई। 265.667 किलोमीटर ट्रैक पर W-बीम, 19 समपार फाटकों का उन्मूलन, 11 रोड अंडर ब्रिज और 1 रोड ओवर ब्रिज का निर्माण तथा 113 किलोमीटर पर ऑटोमेटिक ब्रेक सिग्नलिंग से दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। 534 कोचों में एरोसॉल आधारित अग्निशामक यंत्र लगाकर यात्रियों की सुरक्षा और सुदृढ़ की गई।

यात्री सुविधाओं के मोर्चे पर भी झाँसी मंडल अग्रणी रहा। 7 नए फुट ओवर ब्रिज, 21 स्टेशनों पर दिव्यांगजन सुविधाएँ, 5 एस्केलेटर और 3 लिफ्ट, झाँसी स्टेशन पर बैटरी ऑपरेटेड कार (BOC) सेवा तथा प्लेटफॉर्म-3 पर बैलास्टलेस ट्रैक ने यात्रियों के अनुभव को नई गुणवत्ता दी।
कनेक्टिविटी विस्तार की दिशा में ग्वालियर-बेंगलुरु एक्सप्रेस सहित दो नई रेल सेवाएँ प्रारंभ की गईं, जबकि ग्वालियर-भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस को दैनिक किया गया। इसके अलावा 14 ट्रेनों को प्रायोगिक ठहराव प्रदान कर स्थानीय यात्रियों को सीधा लाभ दिया गया। उपलब्धियों का असर आँकड़ों में भी साफ दिखाई देता है। वर्ष 2025 में झाँसी रेल मंडल ने 97.28% की सर्वाधिक समयपालनता दर्ज की, वहीं 1530.45 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर पिछले वर्ष की तुलना में 5.66% की वृद्धि हासिल की। टिकट आय में 48.74% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी मंडल की प्रभावी टिकट जांच व्यवस्था को दर्शाती है।

डीआरएम श्री अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में झाँसी रेल मंडल ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही के साथ भारतीय रेलवे को तेज़, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बनाया जा सकता है।