कांग्रेस बोली—‘झुनझुना बजट’, सरकार का दावा—विकसित भारत की मजबूत नींव
भोपाल 1 फरवरी 2026। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। बजट पेश होते ही कांग्रेस और भाजपा आमने–सामने आ गई हैं। एक ओर कांग्रेस ने इसे किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग विरोधी बजट बताते हुए सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे विकसित भारत @2047 की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट करार दिया है।
कांग्रेस का सड़कों पर विरोध, ‘झुनझुना बजट’ का नारा
केंद्रीय बजट के विरोध में आज मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, भोपाल के सामने प्रदेश कांग्रेस महामंत्री अमित शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में झुनझुना लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए बजट को “झुनझुना बजट” बताया।

अमित शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने महंगाई से जूझ रही आम जनता, बेरोजगार युवाओं, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग—सभी को सिर्फ वादों के सहारे छोड़ दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि_ महंगाई पर कोई ठोस राहत नहीं, मध्यम वर्ग को टैक्स में वास्तविक छूट नहीं, महिलाओं की सुरक्षा व रोजगार को लेकर कोई ठोस योजना नहीं।
उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य मध्य प्रदेश के साथ बजट में भेदभाव किया गया है। किसानों, युवाओं और गरीब वर्ग के लिए न कोई विशेष पैकेज घोषित किया गया और न ही स्वास्थ्य, शिक्षा व रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित सहयोग मिला।
किसान और युवा सबसे ज्यादा प्रभावित: कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने कहा कि यह बजट स्पष्ट रूप से किसान और युवा विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, थ्रेशर, सिंचाई उपकरण जैसे कृषि साधनों पर GST लगाकर खेती की लागत बढ़ा रही है। बजट में इन पर GST घटाने या हटाने का कोई प्रावधान नहीं किया गया।
राहुल राज ने कहा कि_डीजल, खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, इसके बावजूद कानूनी MSP की कोई गारंटी नहीं, युवाओं के लिए न शहरी रोजगार गारंटी, न नई भर्तियों का रोडमैप
उनका कहना था कि यह बजट “जॉबलेस ग्रोथ” को और गहराने वाला है।
मुख्यमंत्री का पलटवार: ‘विकास को गति देने वाला बजट’
वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट 2026-27 विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मजबूत कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट_गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर केंद्रित है। यह बजट विकास को नई गति देगा और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगा
उन्होंने बताया कि_*5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 वर्षों में 5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे
*प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास और जिला अस्पतालों के उन्नयन से प्रदेश को बड़ा लाभ मिलेगा
*वस्त्र उद्योग में सुधार से मध्य प्रदेश को विशेष फायदा होगा
मुख्यमंत्री ने पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क को प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे और 6 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे मालवा-निमाड़ अंचल को नई आर्थिक दिशा मिलेगी।
सरकार का दावा बनाम विपक्ष का सवाल
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बजट में_छोटे करदाताओं के लिए इनकम टैक्स प्रक्रिया सरल की गई है,
राज्यों के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है,
बायोफार्मा, हेल्थ केयर, AI, R&D और मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष जोर,
पर्यटन को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
एक ओर सरकार इसे समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बता रही है, वहीं कांग्रेस का आरोप है कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता।
अब असली परीक्षा यह होगी कि बजट के दावे कागज़ से निकलकर ज़मीन पर कब और कितना असर दिखाते हैं।

