meritkingmeritking girişmeritking güncel girişmeritkingmeritking girişmeritkingcratosroyalbet girişMarsbahis girişMarsbahis girişMarsbahis girişMarsbahis girişMarsbahis girişMarsbahis girişcratosroyalbet girişpusulabetcratosroyalbet girişMarsbahis girişMarsbahis girişmatbetmatbet girişMarsbahis girişMarsbahis girişceltabetceltabet girişzirvebetzirvebet girişpusulabetpusulabet girişMarsbahis girişpusulabetMarsbahis girişMarsbahis girişcratosroyalbet girişcratosroyalbet girişMarsbahis girişcratosroyalbet girişcratosroyalbet girişzirvebetzirvebet girişMarsbahis girişMarsbahis girişMarsbahis girişMarsbahis girişcratosroyalbet girişcratosroyalbet girişakım koruyucuvoltaj koruyucukaçak akım rölesiakım koruyucuvoltaj koruyucukaçak akım rölesijojobetjojobet girişpadişahbetpadişahbet girişpadişahbet güncel girişzirvebetzirvebet girişMarsbahisjojobet girişMarsbahisbetsmovebetsmove girişbetsmove güncel girişjojobet güncel girişjojobet girişjojobetpadişahbetpadişahbet girişcasibomcasibom girişvaycasinovaycasino girişvaycasino güncel girişmarsbahis güncel girişjojobetjojobet girişmarsbahismarsbahis girişjojobet güncel girişbetciobetcio girişultrabetultrabet girişcasibomcasibom girişcasibom güncel girişholiganbet girişholiganbet güncel girişholiganbetbetsmovebetsmovebetsmove girişnakitbahisnakitbahis girişpusulabetpusulabet girişartemisbetartemisbet girişjojobet girişjojobetmavibetmavibet girişjojobetjojobet girişultrabetultrabet girişmavibetmavibet girişteosbetteosbet girişnakitbahisnakitbahis girişnakitbahis güncel girişcapitolbettaksimbettrendbetjojobet giriştaksimbet girişcapitolbet girişjojobetcasibomdinamobet resmibetvolebetvole girişbetvole güncel girişholiganbetholiganbetholiganbet giriş

अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस के सवालों का प्रहार

भोपाल 22 फरवरी 2026। आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने एक विस्तृत और तथ्यपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर केंद्र सरकार, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील देशहित, किसानों, युवाओं, ऊर्जा सुरक्षा और डेटा संप्रभुता के खिलाफ है तथा इसे एक “Compromised प्रधानमंत्री” द्वारा देश पर थोपा गया समझौता बताया।

श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ट्रेड डील को लेकर इतनी असामान्य और संदिग्ध जल्दबाज़ी क्यों थी? 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘Reciprocal Tariffs’ नीति पर रोक लगा दी थी। इसके बाद परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल गई थीं और भारत के लिए बेहतर सौदेबाज़ी की संभावनाएँ खुल सकती थीं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतज़ार किए बिना, महज़ 30 मिनट की फोन कॉल के आधार पर एक ऐसे व्यापार समझौते पर सहमति दे दी, जो सीधे-सीधे भारत के हितों के विरुद्ध है।

उन्होंने विस्तार से बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर अधिकतम 10% वैश्विक टैरिफ लागू होता, लेकिन फरवरी की शुरुआत में घोषित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय उत्पादों पर 18% टैरिफ स्वीकार कर लिया गया। यानी 3% से बढ़कर 18% तक टैरिफ पहुँचने पर भी सरकार इसे उपलब्धि बताकर जश्न मना रही थी। यह जश्न नहीं, बल्कि देश को गुमराह करने की कोशिश थी।

श्रीमती श्रीनेत ने कहा कि इस ट्रेड डील के तहत भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर लगभग शून्य टैरिफ लागू करने का वादा किया, पाँच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर के सामान का आयात स्वीकार किया और रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना बंद करने जैसी शर्तों पर सहमति जताई। उन्होंने सवाल किया कि जब देश के किसान पहले से ही संकट में हैं, तो अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार खोलकर किसानों को तबाही की ओर क्यों धकेला जा रहा है?

अमेरिका में औसत कृषि जोत लगभग 170 हेक्टेयर है, जबकि भारत में औसत जोत 1 से 1.5 हेक्टेयर के बीच है। अमेरिकी किसानों को व्यापक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सब्सिडी प्राप्त होती है, जबकि भारतीय किसान पहले से लागत वृद्धि, मौसमीय अस्थिरता और बाजार संकट का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और डेटा सुरक्षा पर भी सीधा हमला है। रूस से सस्ता कच्चा तेल न खरीदने का वादा कर भारत को महंगे आयात पर निर्भर बनाने की साजिश रची गई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। साथ ही, देश का संवेदनशील डेटा अमेरिका को सौंपने जैसी शर्तें भारत की डिजिटल संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा हैं।

युवा कांग्रेस के आंदोलन और विरोध का समर्थन करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि देश के युवा निडर हैं और देश की अंतरात्मा की आवाज़ हैं। युवा कांग्रेस ने एक ऐसी ट्रेड डील के खिलाफ आवाज़ उठाई है जो आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था, किसानों की आजीविका, युवाओं के रोज़गार और राष्ट्रीय सुरक्षा को गहरी चोट पहुँचाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग युवा कांग्रेस के प्रदर्शन से आक्रोशित हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए कि युवाओं ने गलत क्या कहा है—क्या देशहित के खिलाफ समझौते का विरोध करना अपराध है?

मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में मीडिया की छवि इसलिए खराब हो रही है क्योंकि—

नेता विपक्ष को गोली मारने जैसी धमकियों पर न तो बहस होती है और न ही सख़्त सवाल पूछे जाते हैं।

किसान विरोधी नीतियों और ट्रेड डील पर ख़बरों को ब्लैकआउट किया जाता है।

चीन, अमेरिका और विदेश नीति पर सरकार की नाकामियों को छुपाया जाता है।

किसानों के अधिकारों, देश की गरिमा और आत्मसम्मान की बलि देने पर चुप्पी साध ली जाती है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की छवि आलोचना से नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण से खराब होती है। अमेरिका के दबाव में आकर नीतियाँ बदलना, किसानों के हितों की बलि देना, ऊर्जा सुरक्षा से समझौता करना और देश का डेटा विदेशी ताकतों के हवाले करना—यही वे कारण हैं जिनसे भारत की वैश्विक साख को नुकसान पहुँच रहा है।

पत्रकार वार्ता के अंत में श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत ने जानकारी दी कि 24 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाली किसान सम्मेलन महापंचायत में नेता विपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस जनविरोधी और किसान विरोधी ट्रेड डील के खिलाफ किसानों, युवाओं और आम जनता की आवाज़ को बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देशहित के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगी और सड़कों से लेकर संसद तक इस ट्रेड डील का पुरज़ोर विरोध किया जाएगा।