स्वच्छ सर्वेक्षण टीम को भ्रमित कर रहा है भोपाल जिला प्रशासन — विवेक त्रिपाठी
दिखावटी रंगरोगन से नहीं छिपेगी बदहाल व्यवस्था, करोडो रुपए हुए खर्चा फिर क्यो है गंदगी का अंबार ?
अरेरा कॉलोनी के साथ निरंतर हो रहा है सौतेला व्यवहार, निगम की अनदेखी बनी रहवासियों की आफत
भोपाल, 28 मई 2026। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर को पत्र लिखकर “स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26” के दौरान नगर निगम भोपाल द्वारा वास्तविक स्थिति छिपाकर सर्वेक्षण टीम को भ्रमित करने का गंभीर आरोप लगाया है।
विवेक त्रिपाठी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के अंतर्गत शुरू किए गए “स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26” का उद्देश्य शहरों की वास्तविक स्वच्छता व्यवस्था का मूल्यांकन करना है, लेकिन भोपाल नगर निगम इस पूरी प्रक्रिया को केवल दिखावे और रंगरोगन तक सीमित कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा लाखों रुपये केवल बाहरी सजावट और पुताई पर खर्च किए जा रहे हैं ताकि निरीक्षण टीम को झूठी और चमकदार तस्वीर दिखाई जा सके, जबकि जमीनी हकीकत बेहद भयावह है।
विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हर महीने करोडो रुपए का कर्जा लेनी वाली भाजपा सरकार के राज्य में राजधानी भोपाल के ये हालात है की जिस कालोनी के रहवासियों से नगर निगम सर्वाधिक राजस्व और कर वसूलता है उस अरेरा कॉलोनी के 10 नंबर मार्केट में निगम द्वारा संचालित सुलभ शौचालय कि बाहर से रंगाई-पुताई कर उसे आकर्षक बनाया गया है, लेकिन अंदर की स्थिति अत्यंत दयनीय है। शौचालयों की पाइपलाइन टूटी हुई हैं, चारों ओर गंदगी फैली हुई है, दुर्गंध के कारण आम नागरिकों का वहां खड़ा होना मुश्किल है तथा नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों एवं बाजार आने वाले आम नागरिकों को उठानी पड़ रही है।
स्थानीय रहवासी त्रिपाठी ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण का उद्देश्य केवल शहरों को पुरस्कार दिलाना नहीं, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि नगर निगम केवल दिखावटी सौंदर्यीकरण के माध्यम से वास्तविक गंदगी छिपाने का प्रयास करेगा तो स्वच्छ सर्वेक्षण की मूल भावना के साथ सीधा छल होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले इंदौर में हाल ही में दूषित एवं मल-मूत्र मिश्रित पानी पीने से अनेक लोगों की मौत होना यह साबित करता है कि सरकार और प्रशासन केवल रैंकिंग बचाने में व्यस्त हैं, जबकि जमीनी व्यवस्थाएं लगातार बदहाल हो रही हैं।
कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि—
1. भोपाल के सभी सार्वजनिक सुलभ शौचालयों का स्वतंत्र और निष्पक्ष निरीक्षण कराया जाए।
2. संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
3. दिखावटी रंगरोगन पर धन बर्बाद करने के बजाय स्थायी स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
4. स्वच्छ सर्वेक्षण टीम को भोपाल की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए ताकि निष्पक्ष मूल्यांकन संभव हो सके।
5. पेय जल व्यवस्था की गहन जाँच हो
विवेक त्रिपाठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस पार्टी आम नागरिकों के साथ मिलकर जनहित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
