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भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर में

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₹3,500 करोड़ निवेश और 14 हजार रोजगार का रास्ता साफ

भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी औद्योगिक उपलब्धि के रूप में भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) स्थापित करने के लिए ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार विनिर्माण हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से करीब ₹3,500 करोड़ का निवेश आकर्षित होगा तथा 14 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय संचार मंत्री भी मौजूद रहे।

परियोजना की प्रमुख बातें

  • ग्वालियर में 170.5 एकड़ में विकसित होगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन।
  • भारत सरकार ₹493 करोड़ की अनुदान सहायता देगी।
  • अत्याधुनिक 5G, 6G, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, ऑप्टिकल फाइबर, राउटर और साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग लैब स्थापित होंगी।
  • परियोजना का संचालन विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के माध्यम से होगा, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार की 51% और दूरसंचार विभाग की 49% हिस्सेदारी होगी।
  • मास्टर डेवलपर के रूप में एमपीआईडीसी कार्य करेगा।

उद्योगों को मिलेंगी विशेष सुविधाएं

TMZ में निवेश करने वाले उद्योगों को 30 वर्षों तक मात्र ₹1 प्रति वर्गमीटर वार्षिक लीज, 100% स्टाम्प ड्यूटी प्रतिपूर्ति, 50% पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम ₹200 करोड़), अनुसंधान एवं विकास सहायता, बिजली दर में रियायत, जल शुल्क में राहत, निर्यात फ्रेट सब्सिडी और प्रशिक्षण व रोजगार सहायता जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्वालियर का यह प्रोजेक्ट “डिज़ाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया” की अवधारणा को नई गति देगा और मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएगा।

निवेश के लिए आगे आईं प्रमुख कंपनियां

राउंड टेबल बैठक में कई बड़ी कंपनियों ने निवेश की प्रतिबद्धता जताई। इनमें HFCL, डिक्सन टेक्नोलॉजीज़, VVDN टेक्नोलॉजीज़, सिरमा SGS, लावा मोबाइल्स, ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पर्श CCTV, IN टेलीकॉम और अन्य कंपनियां शामिल हैं। इन प्रस्तावों के आधार पर कुल निवेश ₹3,500 करोड़ से अधिक तथा 14 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

ग्वालियर को मिलेगा राष्ट्रीय औद्योगिक पहचान

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन स्थापित होने के बाद ग्वालियर केवल विनिर्माण केंद्र ही नहीं, बल्कि डिजाइन, परीक्षण, प्रमाणन, अनुसंधान, लॉजिस्टिक्स और निर्यात का भी प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बनेगा। इससे उत्तर भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार उद्योग के लिए एक नया औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित होने की उम्मीद है।