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विस्थापितों के हक पर रिश्वत से लेकर भोपाल के विकास तक, भाजपा सरकार पर कांग्रेस का हमला

पटवारी ने 1321 विस्थापित परिवारों की मुआवजा व्यवस्था पर उठाए सवाल,

पीसी शर्मा ने मास्टर प्लान 2031 लागू करने को लेकर 31 घंटे का उपवास किया

भोपाल, 11 सितंबर 2026। केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों के मुआवजे में रिश्वतखोरी के मामले से लेकर राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान 2031 को लागू नहीं किए जाने तक कांग्रेस ने भाजपा सरकार को अलग-अलग मुद्दों पर घेरा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जहां लोकायुक्त की कार्रवाई को आधार बनाकर विस्थापितों की मुआवजा-पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल उठाए, वहीं पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने भोपाल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर 31 घंटे का उपवास किया।

जीतू पटवारी ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा में मुआवजा और पुनर्वास व्यवस्था में किसी अनियमितता से इनकार करती रही, लेकिन अब रिश्वतखोरी का मामला सामने आने से सरकार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पटवारी के मुताबिक 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई, 30 हजार रुपए पहले लिए गए और 47 हजार रुपए लेते हुए पटवारी लोकायुक्त के हाथों पकड़ा गया। उन्होंने सवाल किया कि यदि विस्थापित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तो उनके मुआवजे और दस्तावेजों के नाम पर रिश्वत क्यों मांगी गई?

उन्होंने कहा कि मामला केवल एक पटवारी के भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि 1321 विस्थापित परिवारों के अधिकारों और पूरी मुआवजा-पुनर्वास व्यवस्था से जुड़ा है। पटवारी ने इस पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

भोपाल में मास्टर प्लान लागू कराने की मांग

अनशन पर बैठे पीसी शर्मादूसरी ओर राजधानी भोपाल में पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने भोपाल मास्टर प्लान 2031 लागू करने की मांग को लेकर रोशनपुरा चौराहे पर 31 घंटे का उपवास किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, महेंद्र जोशी, गोविंद गोयल, अरुदेश्वर शरण सिंह सहित व्यापारी, समाजसेवी और अधिवक्तागण मौजूद रहे।

पी.सी. शर्मा ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में तथा नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री के रूप में जयवर्धन सिंह और उनके कार्यकाल में भोपाल मास्टर प्लान 2031 तैयार किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे आज तक लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के अभाव में राजधानी के रहवासी, व्यापारी और आम नागरिक परेशान हैं तथा शहर की अर्थव्यवस्था, रोजगार और दैनिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है।

विकास और सुशासन के दावों पर विपक्ष के सवाल

कांग्रेस ने दोनों मुद्दों को जनता से जुड़े अधिकार और विकास के सवाल से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है। एक तरफ परियोजना से प्रभावित परिवार अपने मुआवजे और पुनर्वास के हक के लिए सरकारी व्यवस्था पर निर्भर हैं, तो दूसरी तरफ राजधानी के नियोजित विकास के लिए तैयार मास्टर प्लान के लागू होने का इंतजार जारी है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से विस्थापितों के हक की रक्षा करने, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने और भोपाल मास्टर प्लान 2031 को तत्काल लागू करने की मांग की है।