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ग्वालियर के पद्माराजे सीएम राइज स्कूल में निर्माणाधीन स्लैब ढही, चार मजदूर घायल

कंक्रीट पाइप फटने से सेटिंग फैलने की आशंका, तकनीकी जांच के लिए टीम पहुंचेगी; घटनास्थल से छेड़छाड़ नहीं करने के निर्देश

ग्वालियर 26 अक्टूबर 2026। शहर के कंपू स्थित पद्माराजे सीएम राइज सांदीपनि विद्यालय में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे निर्माणाधीन भवन का एक हिस्सा ढह गया। हादसे में चार मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

कंक्रीट पाइप फटने से बिगड़ा संतुलन!

परियोजना यंत्री मनोज आचार्य के अनुसार_ हादसे के समय प्रथम तल पर स्लैब की कास्टिंग का काम चल रहा था। कुछ हिस्से में पाइप के जरिए कंक्रीट पहुंचाई जा रही थी। इसी दौरान पाइप फटने से कंक्रीट का दबाव सेटिंग पर पड़ा, जिससे सेटिंग फैल हो गई और उसके ढहने के साथ एक एंड पिलर भी अपनी जगह से खिसक गया। उन्होंने बताया कि संबंधित हिस्से के आसपास पर्याप्त सपोर्ट नहीं होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, किसी संभावित मैकेनिकल फॉल्ट की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

एमडी के निर्देश पर तकनीकी जांच, घटनास्थल सुरक्षित रखने के आदेश

आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार_निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और हादसे के संभावित कारणों की जांच के लिए एमडी अनंत कुमार सिंह के निर्देश पर तकनीकी टीम ग्वालियर पहुंचेगी। जांच अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल पर मौजूद पाइप, सेटिंग और हादसे से जुड़े अन्य साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होने देने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, घटनास्थल पर टीम पहुंची और घायलों के उपचार की व्यवस्था की गई। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य पर नजर रखे हुए है।

ठेकेदार की भूमिका और सुरक्षा इंतजाम भी जांच के दायरे में

विद्यालय में निर्माण कार्य ठेकेदार फर्म गुलशनराय जैन द्वारा कराया जा रहा है। अब तकनीकी जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि स्लैब की सेटिंग और सपोर्ट की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं, कंक्रीट डालने के दौरान आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं और हादसे के पीछे तकनीकी अथवा मानवीय चूक की कोई भूमिका थी या नहीं।

जांच रिपोर्ट से ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी का खुलासा हो सकेगा और तभी इस घटना के लिए जिम्मेदार पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।