30 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे कैलाश मकवाना; UPSC को भेजे गए प्रस्ताव के बाद चयन प्रक्रिया पर निगाहें, अंतिम फैसला तय प्रक्रिया के तहत
युग क्रांति। भोपाल/ मध्यप्रदेश में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। वर्तमान डीजीपी कैलाश मकवाना 30 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनके उत्तराधिकारी के चयन के लिए राज्य सरकार ने 12 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजे हैं। अब इन अधिकारियों की पात्रता, वरिष्ठता और सेवा संबंधी रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
डीजीपी का पद प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की दिशा तय करने वाला सर्वोच्च पद है। इसलिए चयन में केवल वरिष्ठता ही नहीं, बल्कि अनुभव, पारदर्शिता, जवाबदेही, निर्णय क्षमता और कार्यप्रणाली जैसे पहलुओं का महत्व भी कम नहीं है।
12 अधिकारियों के नाम, चयन की प्रक्रिया पर नजर
नए डीजीपी के लिए राज्य सरकार द्वारा UPSC को भेजे गए प्रस्ताव में निम्नलिखित 12 आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं—
1-आदर्श कटियार 2-अनंत कुमार सिंह 3-प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव 4- उपेंद्र कुमार जैन 5-वरुण कपूर 6-जी. अखेतो सेमा 7-अनिल कुमार 8-रवि गुप्ता 9-मनमीत सिंह नारंग 10-राजाबाबू सिंह 11-डी.पी. गुप्ता 12-पंकज श्रीवास्तव
आदर्श कटियार, अनंत कुमार सिंह और प्रज्ञा ऋचा पर विशेष नजर
12 अधिकारियों के इस पैनल में आदर्श कटियार, अनंत कुमार सिंह और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम अनुभव, पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यप्रणाली के दृष्टिकोण से विशेष चर्चा के योग्य हैं। आदर्श कटियार (1992 बैच)- स्पेशल डीजे प्रशासन, अनंत कुमार सिंह (1994 बैच)- एमडी मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन और प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव (1991 बैच) डीजी होमगार्ड- नागरिक सुरक्षा है।हालांकि, इन अधिकारियों की तुलनात्मक श्रेष्ठता का अंतिम निष्कर्ष उनके सेवा रिकॉर्ड और उपलब्धियों के प्रमाणिक परीक्षण के बाद ही निकाला जा सकता है।
डीजीपी के चयन में सबसे अहम सवाल यही है कि प्रदेश को ऐसा पुलिस प्रमुख कौन दे सकता है, जो कानून के निष्पक्ष क्रियान्वयन, अपराध नियंत्रण, पुलिस प्रशासन में जवाबदेही और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
UPSC की प्रक्रिया के बाद होगा अंतिम निर्णय
चयन प्रक्रिया के तहत UPSC प्रस्तावित नामों और संबंधित सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा करेगा। निर्धारित मानकों के अनुसार आयोग तीन अधिकारियों का पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजेगा। इसके बाद राज्य सरकार उसी पैनल में से नए डीजीपी की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लेगी।
फिलहाल किसी अधिकारी के चयन को अंतिम नहीं माना जा सकता। 12 नामों में से किन तीन अधिकारियों को आयोग के पैनल में स्थान मिलता है और राज्य सरकार किस नाम पर मुहर लगाती है, यह निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। मध्यप्रदेश को अगला पुलिस प्रमुख चुनते समय वरिष्ठता के साथ निष्पक्षता, प्रशासनिक क्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही को भी प्राथमिकता देनी होगी। प्रदेश की जनता की अपेक्षा केवल नए डीजीपी की नियुक्ति नहीं, बल्कि बेहतर और भरोसेमंद पुलिस व्यवस्था है।
