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ग्वालियर-चंबल को रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात, वीरपुर तक पहुंची मेमू

कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर 56 किमी रेलखंड का शुभारंभ; श्योपुर तक दिसंबर में ट्रेन पहुंचाने का लक्ष्य – रेल मंत्री वैष्णव

भोपाल/ग्वालियर, 18 अगस्त 2026। ग्वालियर-चंबल अंचल में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्रियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर 56 किलोमीटर रेलखंड का उद्घाटन किया। इसी के साथ ग्वालियर-कैलारस मेमू ट्रेन का वीरपुर स्टेशन तक विस्तार भी शुरू हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे और ग्वालियर का संबंध बेहद पुराना और गहरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है और प्रदेश को लगातार नई रेल परियोजनाओं की सौगात मिल रही है।

वीरपुर से श्योपुर तक जल्द दौड़ेगी ट्रेन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड के शुरू होने से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस रेल लाइन को श्योपुरकलां से कोटा तक ले जाने की योजना है। इससे कोटा के शिक्षा केंद्र तक पहुंच आसान होने के साथ ही क्षेत्र के औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।

रेल मंत्री के अनुसार वीरपुर से सिरौली रोड तक 37 किलोमीटर और सिरौली रोड से श्योपुरकलां तक 33 किलोमीटर रेलखंड का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुछ महीनों में ग्वालियर से श्योपुरकलां तक रेल सेवा शुरू होने की संभावना है। ग्वालियर से श्योपुर की ओर जाने वाले इस रेल मार्ग में बिरलानगर, बामौरगांव, अंबिकेश्वर, सुमावली, भटपुरा, कैलारस, पीपलवाली चौकी, सबलगढ़ और वीरपुर प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।

मध्यप्रदेश का रेलवे बजट 24 गुना बढ़ा : वैष्णव

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2014 के आसपास मध्यप्रदेश में रेलवे के विकास के लिए बजट महज 632 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 15,188 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में रेलवे के लिए बजट करीब 24 गुना बढ़ा है और रेलवे क्षेत्र में कुल 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है।

प्रदेश में 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। मध्यप्रदेश को पांच वंदे भारत और सात अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सुविधा भी मिल चुकी है। इंदौर-मनमाड रेल परियोजना को उन्होंने प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाली परियोजना बताया।

औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए मजबूत कनेक्टिविटी जरूरी है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बैटरी स्टोरेज परियोजना, फुटवियर क्लस्टर और हाइड्रोजन निर्माण इकाई जैसी परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बेहतर रेल नेटवर्क इन परियोजनाओं को बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि इंदौर-मनमाड रेल लाइन से गुना और मालवा के रास्ते मुंबई तक नया रेल मार्ग तैयार होगा। इससे मालवा और चंबल के औद्योगिक कॉरिडोर के साथ-साथ डिफेंस कॉरिडोर और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को भी लाभ मिलेगा।

सिंधिया बोले—ग्वालियर-चंबल में विकास का नया सूर्योदय

केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 में ग्वालियर से कैलारस तक रेल सेवा शुरू होने के बाद अब इसका विस्तार वीरपुर तक हुआ है और दिसंबर 2026 तक लाइन को श्योपुर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

सिंधिया ने कहा कि रेल कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। उन्होंने ग्वालियर के रेल इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 150 वर्ष पहले ग्वालियर से आगरा के बीच रेल विकास की नींव रखी गई थी और अब उसी विरासत को आधुनिक रेल नेटवर्क के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

रेलवे में साढ़े पांच लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार

मेमो ट्रेन का शुभारंभरेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारतीय रेलवे में 5 लाख 54 हजार युवाओं को रोजगार दिया गया है। पिछले 12 से 14 महीनों में करीब तीन करोड़ युवाओं ने रेलवे की विभिन्न भर्ती परीक्षाएं दी हैं। वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से करीब 1.40 लाख पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि रेलवे के व्यापक विद्युतीकरण से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हुई है और देशवासियों का परिवहन खर्च भी घटा है।

ग्वालियर-चंबल के लिए कनेक्टिविटी का नया अध्याय

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर से श्योपुर तक रेल विस्तार केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रेल संपर्क बढ़ने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का शुभारंभ ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए महज नई रेल सेवा की शुरुआत नहीं, बल्कि क्षेत्र को श्योपुर, कोटा और आगे के बड़े बाजारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। श्योपुर तक रेल पहुंचने के बाद इस कनेक्टिविटी का प्रभाव और व्यापक होने की उम्मीद है।