अपराध की सूचना से अंतिम न्याय तक की पूरी प्रक्रिया 14 जोन में सजीव; डायल-112, ई-एफआईआर, फॉरेंसिक जांच से लेकर हाईकोर्ट तक की कार्यप्रणाली दिखाई
भोपाल 3 अक्टूबर 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी के विभिन्न जोन का अवलोकन किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रदर्शनी 7 अक्टूबर तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।
प्रदर्शनी की खासियत यह है कि इसमें भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए बदलावों को केवल जानकारी के रूप में नहीं, बल्कि सजीव मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट और लाइव प्रदर्शन के माध्यम से समझाया गया है। अपराध की सूचना मिलने से लेकर पुलिस जांच, फॉरेंसिक परीक्षण, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की पूरी प्रक्रिया को 14 अलग-अलग जोन में प्रदर्शित किया गया है।
डायल-112 से ई-एफआईआर और फॉरेंसिक जांच तक
प्रदर्शनी के पहले जोन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई है। दूसरे जोन में डायल-112 और आधुनिक स्टेट कमांड सेंटर की कार्यप्रणाली का लाइव प्रदर्शन है।
तीसरे जोन में अपराध स्थल के 3D मॉडल के जरिए फॉरेंसिक टीम की भूमिका, वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और घटनास्थल की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग को समझाया गया है। चौथे जोन में थाना प्रणाली, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर और CCTNS की प्रक्रिया दिखाई गई है।
पांचवें जोन में पीड़ित के उपचार, मेडिकल परीक्षण, पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट की भूमिका बताई गई है, जबकि छठे जोन में DNA, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक और डिजिटल फॉरेंसिक जैसी तकनीकों के जरिए वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया प्रदर्शित की गई है।
चार्जशीट से हाईकोर्ट तक न्याय की पूरी यात्रा
सातवें जोन में विवेचना के बाद चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में अभियोजन की प्रभावी पैरवी तक की प्रक्रिया समझाई गई है। आठवें जोन में जिला न्यायालय और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है।
नौवें जोन में जेल सुधार, पैरोल, बंदियों के पुनर्वास और ई-प्रिजन व्यवस्था की जानकारी दी गई है। दसवें जोन में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर के मुख्य कोर्ट रूम का मॉडल तैयार किया गया है। इस तरह एक एफआईआर दर्ज होने से लेकर उच्च न्यायपालिका तक पहुंचने वाली न्यायिक प्रक्रिया को एक ही प्रदर्शनी में समझने का अवसर दिया गया है।
साइबर अपराध से नक्सल उन्मूलन और सामाजिक अभियानों तक
11वें जोन में मध्यप्रदेश में नक्सल उन्मूलन के प्रयासों और पुलिस की उपलब्धियों को डिजिटल एवं फोटोग्राफिक माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। 12वें जोन में साइबर अपराध से बचाव के लिए ‘सेफ क्लिक अभियान’ और ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया बताई गई है।
13वें जोन में मध्यप्रदेश में नवीन न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन, आवश्यक ढांचागत सुधारों और अब तक की प्रगति को डिजिटल चार्ट एवं डिस्प्ले के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। 14वें जोन में ऑपरेशन मुस्कान, महिला हेल्प डेस्क और ‘Say No to Drugs’ जैसे सामाजिक अभियानों की जानकारी के साथ नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित लाइव डिजिटल क्विज भी रखा गया है।
आम नागरिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है प्रदर्शनी?
प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को यह समझाना है कि नई न्याय संहिताओं के लागू होने के बाद अपराध की सूचना से लेकर जांच, साक्ष्य, अभियोजन और न्यायालयीन प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है। तकनीक और साक्ष्य आधारित जांच पर विशेष जोर इस प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को प्रदेश में नवीन न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन, साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता, मध्यप्रदेश पुलिस के सामाजिक अभियानों और विभिन्न नवाचारों की जानकारी भी दी।
उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सचिव गृह शिल्पा गुप्ता सहित केंद्र और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
