स्वास्थ्य से तकनीकी ढांचे तक बड़े प्रोजेक्ट, 1450-बेड अस्पताल और 195 करोड़ का IT पार्क बदलेंगे शहर की तस्वीर
इंदौर। मध्यप्रदेश का सबसे तेजी से विकसित हो रहा इंदौर अब केवल व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि आधुनिक सार्वजनिक अधोसंरचना के निर्माण में भी नई पहचान बना रहा है। इस बदलाव में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (MPBDC) की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। स्वास्थ्य, प्रशासनिक सुविधाओं, तकनीकी अधोसंरचना और प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े बड़े निर्माण कार्य इंदौर के भविष्य के विकास की नींव मजबूत कर रहे हैं।
1450-बेड का अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा विस्तार
निगम के संभागीय उप महाप्रबंधक ने जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर में महाराजा यशवंतराव अस्पताल के नए 1450-बेड भवन का निर्माण भवन विकास निगम के माध्यम से किया जा रहा है। परियोजना में चिकित्सा की अलग-अलग विशेषज्ञताओं के लिए बड़ी क्षमता विकसित की जा रही है। इसमें मेडिसिन और सर्जरी के 330-330 बेड, ऑर्थोपेडिक्स के 180, इमरजेंसी मेडिसिन के 180 तथा मदर एंड चाइल्ड वार्ड सहित कई विभाग शामिल हैं।
अस्पताल परिसर में केवल वार्ड ही नहीं, बल्कि 550-बेड नर्सिंग हॉस्टल, 250 सीट का मिनी ऑडिटोरियम, पार्किंग, सौर ऊर्जा, सीवेज ट्रीटमेंट, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाएं भी विकसित की जानी हैं। अस्पताल के वार्ड निर्माण के लिए लगभग ₹528 करोड़ का प्रावधान बताया गया है, जबकि पूरी परियोजना का अनुमानित आकार ₹773 करोड़ से अधिक है।
195 करोड़ का IT Park और नई प्रशासनिक सुविधाएं
इंदौर के परदेशीपुरा में IT Park का निर्माण भी भवन विकास निगम के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में शामिल है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस परियोजना की निविदा लागत लगभग ₹195.83 करोड़ है और कार्य की निर्धारित अवधि 730 दिन रखी गई है।
इसके साथ ही इंदौर में PCB Regional Office Building के निर्माण के लिए ₹6.03 करोड़ से अधिक की निविदा जारी की गई है। वहीं जिले में Pre-Examination Training Centre (PETC) के निर्माण के लिए लगभग ₹12.77 करोड़ की परियोजना सामने आई है। यानी निर्माण का दायरा केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशासनिक और मानव संसाधन विकास से जुड़े संस्थानों तक भी फैल रहा है।
प्रदेश की बड़ी निर्माण एजेंसी के रूप में उभरता निगम
भवन विकास निगम को प्रदेश स्तर पर देखें तो सितंबर 2026 की समीक्षा में निगम के पास 763 सक्रिय निर्माण परियोजनाएं और करीब ₹10,994 करोड़ की कुल निर्माण लागत बताई गई। सरकार ने परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने, निविदा प्रक्रिया को अधिक मानकीकृत करने और निगम की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है।
इंदौर के मामले में इन परियोजनाओं का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि शहर अब मालवा के प्रमुख आर्थिक केंद्र से आगे बढ़कर स्वास्थ्य, शिक्षा, IT और आधुनिक शहरी अधोसंरचना के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में भवन विकास निगम द्वारा तैयार की जा रही संस्थागत अधोसंरचना आने वाले वर्षों में इंदौर की क्षमता को और बढ़ा सकती है।
यह तस्वीर सिर्फ नई इमारतों की नहीं है—यह उस इंदौर की आधारभूत संरचना तैयार करने की प्रक्रिया है, जो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और सेवा केंद्रों में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा।
